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सुरक्षाबलों ने नौशेरा में घुसपैठ की कोशिश कर रहे 2 आतंकवादियों को किया ढेर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. सुबह-सुबह जम्मू कश्मीर से बड़ी खबर सामने आ रही है. भारतीय सेना के अधिकारियों ने बताया कि रविवार और सोमवार की मध्य रात्रि को जम्मू-कश्मीर के नौशेरा शहर के लाम क्षेत्र में शुरू किए गए घुसपैठ विरोधी अभियान में दो आतंकवादी मारे गए हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस (JKP) से मिली खुफिया सूचनाओं और संभावित घुसपैठ की कोशिश के बारे में जानकारी के आधार पर भारतीय सेना ने अभियान शुरू किया.

सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में युद्ध जैसे सामान भी बरामद किए. भारतीय सेना ने एक पोस्ट में कहा, “दो आतंकवादियों को मार गिराया गया है और दो एके-47 और एक पिस्तौल सहित बड़ी मात्रा में युद्ध जैसे सामान बरामद किए गए हैं. तलाशी अभियान जारी है.” सेना की व्हाइट नाइट कोर ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, “ओपी कांची, संभावित घुसपैठ के प्रयास के बारे में खुफिया एजेंसियों और जम्मू कश्मीर पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर, 8 से 9 सितंबर 24 की मध्य रात्रि को लाम, नौशेरा के जनरल एरिया में भारतीय सेना द्वारा घुसपैठ विरोधी अभियान शुरू किया गया.”

यह घटना उसी जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ के कुछ ही दिनों बाद हुई है. 3 सितंबर को, आतंकवादियों के एक समूह ने तलाशी अभियान के दौरान सेना पर कुछ गोलियां चलाईं और फिर मौके से भाग गए. इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ.

चुनाव को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

अगस्त के आखिरी सप्ताह में राजौरी में एक और मुठभेड़ हुई, जब सेना ने लाठी इलाके में एक संदिग्ध आतंकवादी ठिकाने को निशाना बनाया. जुलाई में, उसी जिले के गुंडा इलाके में एक सुरक्षा चौकी पर आतंकवादियों द्वारा हमला किए जाने के बाद एक जवान घायल हो गया था. घुसपैठ की कोशिश और मुठभेड़ जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव से पहले हुई है, जो 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को तीन चरणों में होंगे. परिणाम 4 अक्टूबर को घोषित होने की उम्मीद है.

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साभार : न्यूज़18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।