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अवैध मस्जिद को गिराने की मांग को लेकर हिन्दुओं ने फिर किया प्रदर्शन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला में संजौली मस्जिद को लेकर हिंदू संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। हिंदू पक्ष का कहना है कि पांच मंजिला मस्जिद का निर्माण अवैध रूप से किया गया है। इसलिए इस मस्जिद के अवैध निर्माण को गिराया जाना चाहिए। बुधवार को भीड़ संजौली में बेकाबू हो गई। हाल ऐसे कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। हालांकि प्रदर्शन के चलते धारा 163 लागू कर दी गई है, लेकिन हजारों की संख्या में लोग सड़क पर प्रदर्शन करते हुए नारे लगा रहे हैं।

कहां से शुरू हुआ विवाद

मस्जिद विवाद एक लड़ाई की वजह से शुरू हुआ। जहां शिमला के मल्याणा इलाके में एक हिंदू व्यक्ति के साथ करीब 6 लोगों ने मारपीट की थी। जिसके बाद वो गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मारपीट को लेकर उक्त व्यक्ति ने थाने में केस दर्ज कराया और बताया कि मारपीट के बाद सभी आरोपी मस्जिद में छिप गए। जब हिंदू संगठनों को इसका पता चला तो उन्होंने संजौली मस्जिद के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और इस मस्जिद को अवैध बताकर इसे गिराने की मांग उठाई। इसके बाद धीरे-धीरे लोगों का ये प्रदर्शन आक्रोश में बदल गया।

कैबिनेट मंत्री बोले- सरकरी जमीन पर बनी है मस्जिद

कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विधानसभा में कहा कि यह पूरी मस्जिद ही अवैध है। यह हिमाचल सरकार की जमीन पर बनी है। उन्होंने विधानसभा में यह भी कहा कि बाहर से आ रहे लोग शिमला का माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने लव जिहाद की बात भी कही और शिमला में रोहिंग्याओं के होने का भी जिक्र किया। ध्यान रहे कि संजौली की इस मस्जिद का मामला नगर निगम की कोर्ट में 2010 से चल रहा है। किसी भी सरकार ने इसे लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई। नगर निगम की कोर्ट में मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर बार-बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन फिर भी चार से पांच मंजिल अवैध तरीके से खड़ी हो गईं।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।