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शिमला में नया विवाद: राम मंदिर के हॉल में होने वाले निकाह पर हिंदू संगठनों की दो-टूक, प्रशासन अलर्ट

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शिमला के मिडिल बाजार स्थित राम मंदिर का बाहरी दृश्य

शिमला | मंगलवार, 7 अप्रैल 2026

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में संजौली मस्जिद विवाद की तपिश अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब मिडिल बाजार स्थित ऐतिहासिक राम मंदिर के हॉल में एक मुस्लिम युवती के निकाह को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। 11 अप्रैल को प्रस्तावित इस निकाह समारोह पर हिंदू संगठनों ने कड़ा ऐतराज जताया है और चेतावनी दी है कि यदि यह कार्यक्रम रद्द नहीं हुआ, तो वे सामूहिक मुंडन करवाकर प्रदर्शन करेंगे।

क्या है पूरा विवाद?

शिमला की ईदगाह कॉलोनी के निवासी मोहम्मद नासिर ने अपनी बेटी के निकाह और रिसेप्शन के लिए राम मंदिर परिसर में स्थित हॉल को बुक किया है। इस हॉल का संचालन सूद सभा द्वारा किया जाता है। जैसे ही यह जानकारी सार्वजनिक हुई, हिंदू संघर्ष समिति और अन्य स्थानीय हिंदू संगठन लामबंद हो गए।

हिंदू संगठनों का तर्क:

समिति के नेता विजय शर्मा और मदन ठाकुर का कहना है कि मंदिर परिसर और उससे जुड़ी संपत्तियां सनातन धर्म के अनुष्ठानों के लिए हैं। उनका तर्क है कि किसी दूसरे धर्म के वैवाहिक रीति-रिवाजों को मंदिर परिसर में अनुमति देना धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन और सूद सभा ने इसे नहीं रोका, तो 11 अप्रैल को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

मैनेजमेंट (सूद सभा) का पक्ष: “5 साल में हुए 15 निकाह”

विवाद बढ़ता देख सूद सभा के अध्यक्ष राजीव सूद ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि:

  • सामुदायिक स्थल: यह हॉल एक पब्लिक कम्युनिटी हॉल की तरह काम करता है, जहाँ बिना किसी धार्मिक भेदभाव के बुकिंग की जाती है।

  • इतिहास: पिछले 5 वर्षों में इसी हॉल में 15 से अधिक मुस्लिम परिवारों के निकाह संपन्न हो चुके हैं, जिस पर पहले कभी विवाद नहीं हुआ।

  • मर्यादा: परिसर में मांस, मदिरा और धूम्रपान पर पहले से ही कड़ा प्रतिबंध है, जिसका सभी समुदाय पालन करते आए हैं।

ताजा अपडेट: सूद सभा ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आज (मंगलवार) एक आपातकालीन बैठक बुलाई है, जिसमें बुकिंग को बरकरार रखने या रद्द करने पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।

प्रशासनिक सतर्कता और सामाजिक तनाव

शिमला में बीते कुछ महीनों से सांप्रदायिक मामलों को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी हुई है। संजौली मस्जिद विवाद के बाद से प्रशासन किसी भी नई चिंगारी को हवा नहीं देने देना चाहता।

  • कानूनी पहलू: चूंकि यह एक निजी ट्रस्ट (सूद सभा) की संपत्ति है, इसलिए बुकिंग रद्द करना या जारी रखना उनके नियमों पर निर्भर करता है।

  • सुरक्षा: पुलिस इंटेलिजेंस विंग स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि 11 अप्रैल को किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो।

आगे क्या?

हिंदू संघर्ष समिति ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। अब सबकी नजरें सूद सभा की बैठक और लड़की के परिवार के फैसले पर टिकी हैं। क्या आपसी भाईचारे की मिसाल कायम रखते हुए यह निकाह संपन्न होगा, या बढ़ते विरोध के चलते स्थान बदला जाएगा? यह आने वाले 24 घंटों में स्पष्ट हो जाएगा।

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