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सिंधुदुर्ग में शिवाजी महाराज की नई मूर्ति के लिए जारी हुआ टेंडर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में स्थित राजकोट किले में स्थापित शिवाजी महाराज की 35 फीट ऊंची प्रतिमा बीते माह 26 अगस्त 2023 को गिर गई थी. इस प्रतिमा के गिरने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने नई प्रतिमा के निर्माण का ऐलान किया है. इसको लिए प्रदेश सरकार ने फंड की स्वकृति दे दी है. महाराष्ट्र सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग ने प्रतिमा के निर्माण को लेकर टेंडर भी जारी कर दिया है. सिंधुदुर्ग में स्थापित होने वाली छत्रपति शिवाजी महाराज की यह प्रतिमा पिछली प्रतिमा से भव्य और विशाल होगी. शिवाजी महाराज की नई प्रतिमा का निर्माण 20 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा. प्रदेश सरकार ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के निर्माण का काम पूरा करने के लिए छह महीने की समय सीमा तय की है. महाराष्ट्र सरकार ने वहां 60 फुट ऊंची नई मूर्ति के निर्माण के लिए टेंडर जारी की है, जो पिछली मूर्ति से लगभग दोगुनी ऊंची है.

500 पेज में दी गई है प्रोजेक्ट की जानकारी

महाराष्ट्र सरकार ने वहां 60 फुट ऊंची नई मूर्ति के निर्माण के लिए टेंडर जारी की है, जो पिछली मूर्ति से लगभग दोगुनी ऊंची है. प्रतिमा निर्माण के 500 पेज पर आधारित टेंडर के दस्तावेज जारी किए गए हैं. शिवाजी महाराज की मूर्ति गिरने से सबक लेते हुए नई प्रतिमा के निर्माण के लिए विशेष जानकारी शेयर की गई, जिससे इस बार गड़बड़ी की संभावना न रहे.

नई प्रतिमा की 100 साल की होगी गारंटी

महाराष्ट्र सरकार के पीडब्यूडी विभाग की तरफ से जारी टेंडर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा क डिजाइन, इंजीनियरिंग, स्थापना और इसके रखरखाव सहित कई बातों का जिक्र किया गया है. इसके अलावा, प्रतिमा के 100 साल की गारंटी का भी टेंडर में जिक्र किया गया है. अगले 10 साल तक प्रतिमा के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी कांट्रैक्टर की होगी.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।