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छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर सुरक्षाबलों ने किया 5 नक्सलियों का एनकाउंटर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा बॉर्डर पर सुरक्षाबलों ने 5 नक्सलियों को मार गिराया है। सोमवार को गढ़चिरौली इलाके के भामरागढ़ तहसील में सी60 कमांडो की 22 यूनिट और QAT की 2 यूनिट सर्चिंग में निकली थी। इसी दौरान नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। इसमें एक जवान भी घायल हुआ है। दरअसल, गोपनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि, कई नक्सली कोपरशी तालुका भामरागढ़ वन क्षेत्र में छिपे हुए हैं। वे आगामी विधानसभा को प्रभावित करने की साजिश रच रहे हैं। जैसे ही वे जंगल क्षेत्र में सुरक्षाबल पहुंचे तो नक्सलियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।

पुलिस ने की समर्पण की अपील

पुलिस टीम ने नक्सलियों से हथियार छोड़ने और आत्मसमर्पण करने को कहा लेकिन वे फायरिंग करते रहे। इसके बाद फायरिंग का जवाब देते हुए 5 नक्सलियों को को मार गिराया। इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है।

2 दिन पहले ITBP के 2 जवान शहीद हुए

2 दिन पहले नारायणपुर में IED ब्लास्ट की चपेट में आने से ITBP के 2 जवान शहीद हुए थे। वहीं नारायणपुर पुलिस के 2 जवान घायल हुए। घायलों को मौके से निकालकर एयरलिफ्ट किया गया। दोनों शहीद जवान आंध्र-प्रदेश और महाराष्ट्र के रहने वाले थे।

3 अक्टूबर को हुआ था बड़ा एनकाउंटर

नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले के ही थुलथुली गांव में 3 अक्टूबर को मुठभेड़ हुई थी। इस एनकाउंटर में 38 नक्सली मारे गए थे। सभी 38 नक्सलियों की शिनाख्त हो गई है। इन पर 2 करोड़ 62 लाख का इनाम घोषित था। वहीं मारे गए नक्सलियों पर 250 से ज्यादा अपराध भी दर्ज थे। इनमें सिर्फ महिला कमांडर नीति उर्फ उर्मिला के खिलाफ ही अलग-अलग जिलों में 60 केस हैं। पुलिस-नक्सली मुठभेड़-20, कैंप अटैक-2, IED ब्लास्ट-6, आगजनी-3 केस इस तरह कई नक्सल घटनाओं में वह शामिल थी।

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साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।