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एनसीपी (अजित पवार) तय करेगी महाराष्ट्र में किसकी बनेगी सरकार : नवाब मलिक

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. मानखुर्द शिवाजीनगर सीट पर महायुति गठबंधन के दो उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे है. दरअसल, एनसीपी अजित पवार की तरफ से जहां नवाब मलिक को प्रत्याशी बनाया है वहीं शिवसेना शिंदे ने इस सीट पर सुरेश पाटील को टिकट दिया है. इसी बीच मलिक का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि मुझसे बीजेपी और शिवसेना के लोग विशेष प्रेम करते है. मैं एनसीपी का उम्मीदवार हूं और अजित पवार किंग मेकर बनेंगे, हम तय करेंगे सरकार कैसे बनेगी.

पूर्व मंत्री मलिक ने आगे कहा कि अजित पवार ने मेरे बुरे वक़्त में मेरा और परिवार का साथ दिया है. वहीं उन्होंने कहा कि वे अपने चुनाव प्रचार में बीजेपी या शिवसेना के पोस्टर या फोटो का इस्तेमाल नहीं करेंगे. इस सीट पर नवाब मलिक vs ऑल की लड़ाई है.

‘महायुति के पास मात्र 28,000 वोट हैं’

वहीं एक अन्य सवाल के जवाब में नवाब मलिक ने कहा मुझे पता नहीं कि किसकी राजनीति क्या है. मेरा पूरा ध्यान मेरी और मेरी बेटी की विधानसभा सीट पर है. महाराष्ट्र में जो राजनीति चल रही है उससे जनता भी पूरी तरह से कन्फ्यूज्ड है. महायुति के लोग मुझसे कितना प्यार करते हैं ये देश और महाराष्ट्र जानता है लेकिन मैं ये साफ कर दूं कि इस (मानखुर्द शिवाजी नगर) सीट पर महायुति के पास मात्र 28,000 वोट हैं और उन्हें पता है कि इस बार वे जीत नहीं सकते.

‘महाराष्ट्र में किसी की एकतरफा लहर नहीं’

एनसीपी नेता ने कहा कि हमारी लड़ाई इस विधानसभा क्षेत्र में किसी व्यक्ति या दल से नहीं बल्कि हमारी लड़ाई पूरी तरह से व्यवस्था के खिलाफ है. जनता हमें बुलाकर चुनाव लड़वा रही है. इस चुनाव में पूरे महाराष्ट्र में किसी की भी एकतरफा लहर नहीं है, नतीजा कुछ भी आ सकता है. इससे पहले बीजेपी नेता व डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की एनसीपी नेता पर प्रतिक्रिया आई थी. उन्होंने कहा कि मलिक को टिकट देकर अजित पवार की पार्टी ने सही नहीं किया. हमने पवार को इसके लिए मना किया था इसके बावजूद वे नहीं माने तो हमें शिवसेना का एक कैंडिडेट वहां उतारना पड़ा.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।