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मांगों को लेकर शंभू बॉर्डर पर किसान ने की खुदकुशी की कोशिश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चंडीगढ़. हरियाणा-पंजाब के शंभू बॉर्डर पर शनिवार को किसान ने आत्महत्या की कोशिश की है। इसकी पुष्टि किसान नेता तेजवीर सिंह ने की। उन्होंने बताया कि पता चला है कि खन्ना के किसान ने सल्फास निगल लिया। उसे अस्पताल लेकर गए हैं। हमारी टीम जा रही है। इस बारे में पता कर रहे हैं। किसान की पहचान लुधियाना के खन्ना के रहने वाले जोद सिंह के रूप में हुई है। वह शनिवार को ही मोर्चे में पहुंचा था। संभावना है कि किसानों को दिल्ली न जाने देने से आहत होकर उसने ये कदम उठाया। फिलहाल CID भी इसे बारे में पता कर रही है।

इससे पहले दोपहर 12 बजे 101 किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए, लेकिन पुलिस ने उन्हें घग्गर नदी पर बने पुल पर की बैरिकेडिंग पर रोक लिया। 40 मिनट तक पुलिस से बहस के बाद किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। जिसमें 10 किसान घायल हुए। करीब 2 घंटे बाद यानी 2 बजे किसानों के जत्थे को वापस बुला लिया गया। किसानों का आरोप है कि पुलिस ने रॉकेट लॉन्चर से बम-गोलियां चलाई। घग्गर नदी का गंदा और केमिकल वाला पानी प्रयोग किया।

किसान नेता सरवण पंधेर ने कहा कि 16 दिसंबर को पंजाब को छोड़कर पूरे देश में ट्रैक्टर मार्च निकाले जाएंगे। 18 दिसंबर को पंजाब में 12 बजे से 3 बजे तक रेल रोको अभियान चलाया जाएगा। 18 तक कोई जत्था दिल्ली कूच नहीं करेगा। मार्च के मद्देनजर हरियाणा सरकार ने अंबाला जिले के 12 गांवों में इंटरनेट बैन 18 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। खनौरी बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा (नॉन पॉलिटिकल) के नेता जगजीत डल्लेवाल लगातार 19वें दिन आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। किसान नेता सरवण पंधेर ने कहा कि डल्लेवाल की सेहत को लेकर पूरा देश चिंतित है, लेकिन देश के प्रधानमंत्री नहीं।

शंभू बॉर्डर पर किसान ने सल्फास निगला

किसान नेता तेजवीर सिंह ने बताया कि हमारे ध्यान में आया है कि खन्ना के किसान ने सल्फास खा ली। सुसाइड की कोशिश की है। उसे अस्पताल लेकर गए। हमारी टीम जा रही है। इस बारे में पता कर रहे है।

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साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।