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यूट्यूब से हटाया गया यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया का विवादित वीडियो

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना के शो India’s Got Latent को लेकर बवाल मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. हाल ही में इस शो का नया एपिसोड रिलीज हुआ था, जिसके बाद पूरा बवाल शुरू हुआ है. इस शो के दौरान रणवीर इलाहाबादिया ने कुछ ऐसा बयान दिया था. जिसका विरोध हो रहा है. उनके और शो की पूरी टीम के खिलाफ दिल्ली और मुंबई में केस भी दर्ज कर किया गया है. असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा ने भी बताया कि टीम के खिलाफ असम में भी केस दर्ज किया गया है. विवाद को बढ़ता देख कॉन्ट्रोवर्शियल एपिसोड को अब YouTube से हटा दिया गया है.

इंडियाज गॉट लेटेंट के विवादित एपिसोड को अब यूट्यूब से हटा दिया गया है. NHRC ने यूट्यूब को वीडियो हटाने का निर्देश दिया था. साथ ही 3 दिन के अंदर जवाब भी देने को कहा है, जिसके बाद वीडियो को हटाया गया है. केस दर्ज होने के बाद इंडिया गॉट लेटेंट show मामले में मुंबई पुलिस ने समय रैना और रणवीर इलाहाबादिया से संपर्क किया. पुलिस ने दोनों से जांच अधिकारियों के सामने उपस्थित होकर सहयोग करने और इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है. वर्सोवा पुलिस की एक टीम रणवीर अल्लाहबादिया के घर पहुंची हैं. जहां उनके बयान को लेकर पूछताछ की जा सकती है.

रणवीर मांग चुके हैं माफी

शो के दौरान किए गए कमेंट को लेकर लोगों का गुस्सा मकर फूट रहा है. समय रैना के शो पर अश्लील सवाल पूछने वाले रणवीर इलाहाबादिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर अपने कमेंट के लिए माफी मांगी है. उन्होंने लिखा कि मेरा कमेंट न केवल अनुचित थी, बल्कि फनी भी नहीं था. कॉमेडी मेरी विशेषता नहीं है. मैं यहां सिर्फ माफी मांगने के लिए आया हूं. इसके लिए मैं कोई भी कारण नहीं बताऊंगा बस माफी मांग रहा हूं.

लोगों ने की शो बैन करने मांग की

जैसे ही एपिसोड आया, सोशल मीडिया यूजर्स ने अपने अकाउंट्स पर रणवीर इलाहाबादिया और इंडिया गॉट लेटेंट को बैन करने की मांग की है. साथ ही रणवीर को अनसब्सक्राइब भी करना शुरू कर दिया. नेटिजन्स का कहना है कि इलाहाबादिया को जो पॉपुलैरिटी मिल रही है, वो उसके लायक नहीं हैं. हालांकि, रणवीर माफी मांग चुके हैं, वहीं समय रैना ने अभी तक इस विवाद पर कोई रिएक्शन नहीं दिया है और न ही माफी मांगी है.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।