लोड हो रहा है...

राजस्थान भाजपा अध्यक्ष के सामने ही भिड़े अल्पसंख्यक मोर्चा के दो नेता

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

जयपुर. राजस्थान के जयपुर में गुरुवार को BJP प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के सामने पार्टी के दो पदाधिकारी भिड़ गए और एक-दूसरे के थप्पड़ जड़ दिए। मौके पर मौजूद अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने दोनों को अलग किया। मामले को लेकर देर शाम अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष हमीद खान मेवाती ने मोर्चा के महामंत्री जावेद कुरैशी को पद से हटा दिया।

घटना उस समय हुई, जब भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की बैठक शुरू होने वाली थी। प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ बैठक में पहुंचे थे। अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व उपाध्यक्ष रहे फरीदुद्दीन जैकी प्रदेशाध्यक्ष को मंच तक लेकर आए। वह मंच पर चढ़ने लगे तो उन्हें मोर्चा के पूर्व महामंत्री जावेद कुरैशी ने रोक दिया। इस पर जैकी ने जावेद को थप्पड़ जड़ दिया। थप्पड़ लगते ही जावेद ने भी जैकी को थप्पड़ मार दिया। उसके बाद दोनों अध्यक्ष के सामने ही भिड़ गए। करीब 30 से 40 सेकेंड तक दोनों लड़ते रहे। उसके बाद बीजेपी के अन्य पदाधिकारी ने दोनों का अलग किया।

विवाद को लेकर कौन क्या बोला…

घटना को लेकर अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व महामंत्री जावेद कुरैशी ने कहा- मंच पर जो अपेक्षित थे, उन्हीं के लिए कुर्सी लगाई गई थी, लेकिन जैकी ने कहा कि अध्यक्ष के पीछे मेरी कुर्सी लगाई जाए। हमने उनसे शालीनता से नीचे उतरने के लिए कहा तो वह गली-गलौज पर उतर आए। बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा में पूर्व उपाध्यक्ष रहे फरीदुद्दीन जैकी ने कहा- मैंने किसी भी पदाधिकारी से कोई बदतमीजी नहीं की थी। मैं अध्यक्ष को मंच पर बैठाकर नीचे उतर रहा था। मुझे बदनाम करने के लिए महामंत्री जावेद कुरैशी ने यह सब किया।

अल्पसंख्यक मोर्चा पदाधिकारी की थी बैठक दरअसल, आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारी की बैठक रखी गई थी। बैठक में अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, जिलाध्यक्ष और जिला महामंत्री शामिल हुए थे। बैठक में बतौर चीफ गेस्ट बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ शामिल हुए थे। बैठक के बाद मोर्चे की ओर से मदन राठौड़ का सम्मान कार्यक्रम भी रखा गया था।

- Advertisement -

साभार : दैनिक भास्कर

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।