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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉरीशस के राष्ट्रपति धरम गोखूल को भेंट किया प्रयागराज महाकुंभ का जल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पोर्ट लुइस. मॉरीशस के पोर्ट लुइस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत बिहारी पारंपरिक गीत गावई से किया गया। गीत गावई एक पारंपरिक भोजपुरी संगीत समूह है, जो भारत के भोजपुरी क्षेत्र की महिलाओं द्वारा मॉरीशस में लाई गई समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसके सांस्कृतिक महत्व को मान्यता देते हुए गीत गावई को दिसंबर 2016 में यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मॉरीशस के राष्ट्रपति धरम गोखूल से मुलाकात की और उन्हें महाकुंभ का जल भेंट किया। दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर मंगलवार सुबह मॉरीशस पहुंचे मोदी ने गोखूल को कई अन्य उपहार भी दिए। राष्ट्रपति गोखूल से मुलाकात से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मॉरीशस के अपने समकक्ष नवीनचंद्र रामगुलाम से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने सर शिवसागर रामगुलाम बॉटनिकल गार्डन में एक पौधा लगाया।

भारतीय प्रवासी समुदाय की सदस्य सरस्वती ने कहा, ‘यहां आकर और हमारे प्रधानमंत्री से मिलकर बहुत अच्छा लग रहा है। भारत और मॉरीशस के बीच संबंध बहुत अच्छे हैं और हम उम्मीद करते हैं कि ये संबंध और भी मजबूत होते रहेंगे…।’ भारतीय प्रवासी समुदाय की सदस्य प्रीति ने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की और उनसे हाथ मिलाया। उनसे बात करने का मौका पाकर बहुत अच्छा लग रहा है…” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोर्ट लुईस में सर सीवूसागुर रामगुलाम बॉटनिकल गार्डन में पुष्पांजलि अर्पित की और बेल(वुड एप्पल) का पौधा लगाया। मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम भी मौजूद रहे।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।