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बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी ट्रेन को हाईजैक करने के बाद 11 सैनिक भी मारे, लगा आपातकाल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

इस्लामाबाद. पाकिस्तान में बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने मंगलवार (11 मार्च, 2025) को जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर लिया. इस ट्रेन में लगभग 500 यात्री सवार हैं और 100 से ज्यादा लोगों को बंधक बनाए जाने का दावा किया गया है. वहीं, बीएलए ने दावा किया है कि इस घटना में पाकिस्तानी सेना के 11 जवान मारे गए. साथ ही ट्रेन के ड्राइवर को भी गोली लगी है और वो घायल है.

विद्रोही गुट बलोच लिबरेशन आर्मी ने कहा कि अगर उनके अभियान के जवाब में कोई सैन्य अभियान शुरू किया गया तो वे लोगों को मौत के घाट उतार देंगे. हालांकि इन लोगों ने महिलाओं और बच्चों को छोड़ दिया है. बीएलए ने दावा किया कि भीषण गोलीबारी के बाद ट्रेन पटरी से उतर गई और उसके बाद हाईजैक किया है. इस हमले की पाकिस्तान सरकार ने निंदा की है.

क्या बोले पाकिस्तानी मंत्री?

पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने हमले की निंदा की और कहा कि सरकार निर्दोष यात्रियों पर गोली चलाने वाले दरिंदों के लिए कोई रियायत नहीं बरतेगी. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बीएलए के लोगों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर गोलीबारी की, जिससे ड्राइवर घायल हो गया और ट्रेन में सवार सुरक्षा गार्डों ने भी जवाबी गोलीबारी की. रेलवे कंट्रोलर ने कहा, “ट्रेन को टनल नंबर 8 में हथियारबंद लोगों ने रोक लिया.”

बलूचिस्तान सरकार ने की आपातकाल की घोषणा

इसके अलावा, रॉयटर्स ने बलूचिस्तान सरकार के आधिकारिक प्रवक्ता के हवाले से बताया कि सुबह 9:00 बजे क्वेटा से रवाना हुई ट्रेन एक पहाड़ी इलाके में थी, जिसकी वजह से सुरक्षा बलों के लिए घटनास्थल तक पहुंचना मुश्किल हो गया. एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी ने कहा, “इलाका चट्टानी है और सुरक्षा बलों को घटनास्थल तक पहुंचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.” हाईजैक को देखते हुए बलूचिस्तान सरकार ने आपातकाल की घोषणा की है. डॉन न्यूज के मुताबिक, सिबी अस्पताल में भी आपातकाल घोषित कर दिया गया है. एंबुलेंस और सुरक्षा बल घटनास्थल पर पहुंच गए हैं. सिविल अस्पताल क्वेटा को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है और सभी मेडिकल स्टाफ को बुलाया गया है.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।