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जहाँ खुदरा महंगाई दर घटी, वहीं बढ़ा औद्योगिक उत्पादन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. होली से पहले देश की आर्थिक व्यवस्था में सुधार आया है। पिछले 7 महीने में खुदरा महंगाई दर में गिरावट आई। जहां इस साल फरवरी के महीने में महंगाई दर घटकर 3.61 प्रतिशत आ गई तो वहीं जनवरी के महीने में यह 4.26 फीसदी थी। साथ ही औद्योगिक उत्पादन में उछाल आया है। ये भारतीयों के लिए दो खुशखबरी है।

देश की खुदरा महंगाई दर पिछले 7 महीने के सबसे निचले स्तर पर है, जोकि RBI के दायरे से काफी कम है। जनवरी के मुकाबले फरवरी में महंगाई दर में 65 आधार अंकों की गिरावट आई है। जुलाई 2024 के बाद यह मंहगाई दर सबसे कम है। महंगाई दर में कमी का असर सब्जियों में देखने को मिला, जिससे आलू, प्‍याज, टमाटर और हरी सब्जियों की कीमत में गिरावट थी। कज्‍यूमर प्रोडक्‍ट्स और खाने-पीने की चीजों में भी कमी देखने को मिली।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने महंगाई दर के आंकड़ों को जारी करते हुए कहा कि मुख्य मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट की वजह सब्जियों, अंडे, मांस-मछली, दालों और उत्पादों और दूध और उत्पादों की मुद्रास्फीति में कमी से हुई है, इसलिए फरवरी में खुदरा महंगाई दर 3.75 प्रतिशत रही। साथ ही जनवरी 2024 में औद्योगिक उत्पादन 4.2 फीसदी तक बढ़ा था।

साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।