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बॉलीवुड ने पाकिस्तानी कलाकारों से हटाया प्रतिबंध, फवाद खान की फिल्म का टीजर रिलीज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. पाकिस्तान के फिल्म और टीवी स्टार फवाद खान कमबैक हिंदी फिल्म ‘अबीर गुलाल’ का टीजर रिलीज हो गया है। यकीन मानिए, इसे देखकर आपको फवाद से प्यार हो जाएगा। यह एक लव स्टोरी है, जो 9 मई को रिलीज होगी। चंद सेकेंड के टीजर में आप फवाद को जितनी देर देखेंगे, अपनी नजरें नहीं हटा पाएंगे। फवाद खान सिंगर भी हैं, तो ‘अबीर गुलाल’ के टीजर में उनकी आवाज का भी जादू देखने को मिलेगा। टीजर में फवाद खान और वाणी कपूर गाड़ी में बैठे हैं। बाहर बारिश हो रही है और अंदर रोमांटिक माहौल है। ‘कुछ ना कहो’ गाना रेडियो पर प्ले हो रहा है।

‘अबीर गुलाल’ के टीजर में क्या?

‘अबीर गुलाल’ के टीजर में फवाद खान भी वो गाना गा रहे हैं और वाणी उन्हें प्यार से निहार रही हैं। इसके बाद फवाद जोर से हंसते हैं और फिर वाणी को देखते रहे हैं। वाणी कहते हैं- अबीर सिंह मेरे साथ फ्लर्ट कर रहे हो? तो फवाद कुछ सेकेंड ठहरते हैं और पूछते हैं- तुम चाहती हो मैं फ्लर्ट करूं?

2016 के बाद फवाद खान की बॉलीवुड में वापसी

‘अबीर गुलाल’ के ट्रेलर के लिए फवाद के फैंस काफी बेसब्र हैं। आखिर 9 साल बाद वह इस फिल्म से बॉलीवुड में कमबैक कर रहे हैं। फवाद की पिछली हिंदी रिलीज ‘कपूर एंड सन्स’ थी, जो साल 2016 में आई थी। इसमें आलिया भट्ट, सिद्धार्थ मल्होत्रा और ऋषि कपूर जैसे सितारे थे। लेकिन उरी हमले के बाद पाकिस्तानी कलाकारों के भारत में काम करने पर 7 साल का बैन लगा दिया गया था। लेकिन साल 2023 में सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस बैन को बढ़ाने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। यानी पाकिस्तानी कलाकारों को बॉलीवुड में काम करने की बैन की लिमिट साल 2023 में ही खत्म हो गई थी।

‘अबीर गुलाल’ में इंडिया और यूके के सितारे

वहीं, ‘अबीर गुलाल’ की बात करें, तो इसकी शूटिंग 29 सितंबर 2024 को शुरू हुई थी। लंदन में बेस्ड इस कहानी को आरती एस बागड़ी ने डायरेक्ट किया है। यह एक इंटरनेशनल प्रोडक्शन फिल्म है, जिसमें इंडिया के अलावा यूके के भी कुछ स्टार्स हैं।

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साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।