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एनसीसी का होगा विस्तार, जोड़े जाएंगे तीन लाख नए कैडेट : संजय सेठ

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 03 जून, 2025 को भोपाल में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के विशेष संयुक्त राज्य प्रतिनिधियों और अतिरिक्त/उप महानिदेशकों (जेएस आरएंडए/डी) के सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने इस दौरान देश भर में तीन लाख कैडेटों को जोड़ने के साथ एनसीसी के योजनाबद्ध तरीके से विस्तार की भी घोषणा की, जिसके लिए कई राज्य पहले ही सहमति दे चुके हैं और प्रशिक्षण के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे में तीव्र गति से वृद्धि के लिए प्रतिबद्ध हैं।

संजय सेठ ने इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण और युवाओं के विकास में एनसीसी की भूमिका की पुष्टि की। उन्होंने इस सिलसिले में हाल में की गई पहलों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें पूर्व सैनिकों को एनसीसी प्रशिक्षक के रूप में शामिल करना और उन्हें रोजगार के नए अवसर प्रदान करना शामिल है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान, नया सवेरा योजना और नशा मुक्ति अभियान जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में एनसीसी की सक्रिय भागीदारी की भी सराहना की। रक्षा राज्य मंत्री ने एनसीसी के अभियान दल को 18 मई, 2025 को माउंट एवरेस्ट पर उनकी सफल चढ़ाई की उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने इसे कैडेटों के साहस और उनकी सामर्थ्य का एक प्रबल उदाहरण बताया।

संजय सेठ ने केंद्र-राज्य सहयोग जारी रखने का आह्वान करते हुए राज्यों से एनसीसी के ऐतिहासिक विस्तार में सहयोग देने के लिए आवश्यक कर्मियों, बुनियादी ढांचे और वित्त पोषण की अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का आग्रह किया, जिससे युवाओं के भविष्य को आकार देने और राष्ट्र को सुरक्षित करने में इस संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका को बल मिलेगा।

एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह ने इसकी उपलब्धियों और भविष्य की रूपरेखा का उल्लेख किया, जिसमें देश भर में मजबूत प्रशिक्षण और शिविर संबंधी बुनियादी ढांचे को स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने संगठन में युवाओं की अधिक भागीदारी को बढ़ावा देने और कैडेटों के प्रदर्शन में सुधार लाने के लक्ष्य पर बल दिया।

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शिक्षा एवं युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री, रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यों के विभागीय प्रतिनिधि और सभी राज्यों के एनसीसी प्रमुख भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।