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भारत में उपचार करा रहे कोरोना संक्रमितों की संख्या 7400 तक पहुंची

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. कोरोना वायरस एक बार फिर से लौट आया है. अपने नए वैरिएंट के रूप में और देश में कोविड से संक्रमित लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. एक बार फिर से कोविड-19 संक्रमण का नया वैरिएंट खतरनाक हो रहा है. पिछले दिनों यानी शुक्रवार को कोरोना के नए मामलों में जहां कमी देखने को मिली थी, तो फिर पिछले 24 घंटे में 269 नए मामले दर्ज हुए हैं. एक दिन के अंदर इतने अधिक एक्टिव मामले सामने आने से टेंशन बढ़ गई है. ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पूरे देश में कोरोनावायरस के एक्टिव मामलों की संख्या 7400 पहुंच गई है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 14 जून को सुबह 8 बजे तक के आंकड़े जारी किए. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 269 नए मामले दर्ज हुए हैं. शुक्रवार को पूरे देश में एक्टिव मामलों की संख्या 7131 थी. नए मामलों के बाद भारत में एक्टिव मामलों की संख्या 7400 हो गई है. वहीं, कोरोना के नए वैरिएंट से 24 घंटे में 9 लोगों की जान चली गई है. महाराष्ट्र में 4 मौतें हुई हैं. केरल में 3 लोगों की मौत हुई है. राजस्थान और तमिलनाडु में एक-एक व्यक्ति की जान गई है.

मरने वालों में एक बात समान है और वो है अधिक उम्र के लोगों की मौत. जिन लोगों की भी जान गई है, वे सभी 50 की उम्र से अधिक के बुजुर्ग लोग थे. केरल में मरने वालों में 83 साल, 67 साल और 61 साल के तीन पुरुष शामिल हैं. महाराष्ट्र में डायबिटीज के पेशेंट 79 साल की मौत हुई है. किडनी रोग से ग्रस्त 85 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हुई है. इनके अलावा, 55 और 34 साल के दो लोग भी संक्रमण से पीड़ित थे, जिनकी मौत हो गई. संक्रमण ने राजस्थान में एक 70 साल की बुजुर्ग महिला की जान ली है, जबकि तमिलनाडु में कई बीमारियों से पीड़ित चल रहे एक 73 साल के बुजुर्ग की भी मौत हुई है.

कोरोना के नए वैरिएंट के मामले तीन राज्यों अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मिजोरम में नहीं सामने आए हैं, लेकिन भारत के अन्य राज्यों में कोरोनावायरस पैर फैला चुका है. इस नए वैरिएंट के सबसे अधिक मामले केरल में आए हैं. यहां लगभग 2 हजार से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं. फिर गुजरात, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र जैसे राज्य इस फेहरिस्त में शामिल हैं.

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साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।