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सेल ने भारतीय नौसेना के आईएनएस अर्नाला के लिए जरूरत की पूरी विशेष स्टील की आपूर्ति की

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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देश की महारत्न और सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने रक्षा क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता और आयात प्रतिस्थापन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। सेल ने भारत के पहले स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC), ‘आईएनएस अर्नाला’ के लिए विशेष स्टील की पूरी ज़रूरत को सफलतापूर्वक पूरा किया है। आईएनएस अर्नाला को आज, 18 जून, 2025 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।सेल ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा बनाए जा रहे, अन्य सात ASW-SWC कोरवेट के लिए भी विशेष स्टील की पूरी आपूर्ति की है।

रक्षा स्वदेशीकरण की दिशा में, भारत के प्रयासों में एक प्रमुख भागीदार के रूप में, सेल ने इस परियोजना के लिए आवश्यक जरूरत की पूरी विशेष स्टील की आपूर्ति की है। यह देश की ‘आत्मनिर्भर भारत’ की पहल को लागू करने और आयात पर निर्भरता को कम करने में सेल की प्रतिबद्धता का एक और प्रभावशाली उदाहरण है। इसी दिशा में, सेल ने पहले भी आईएनएस विक्रांत, आईएनएस विंध्यगिरि, आईएनएस नीलगिरी, आईएनएस सूरत जैसी कई उल्लेखनीय परियोजनाओं के लिए विशेष स्टील की आपूर्ति की है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।