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अल-कायदा के माली में 3 भारतीयों के अपहरण करने पर विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. भारत ने माली में अपने तीन नागरिकों के अपहरण पर गहरी चिंता जताई है। माली में आतंकवादी हमले बढ़ रहे हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि भारतीय नागरिक कायस में डायमंड सीमेंट फैक्ट्री में काम करते थे। 1 जुलाई को फैक्ट्री पर हमला हुआ। इस हमले में उन्हें बंधक बना लिया गया। भारत ने माली सरकार से कहा है कि वह उन्हें सुरक्षित छुड़ाने के लिए जरूरी कदम उठाए।

विदेश मंत्रालय ने बताया क्या हुआ था

MEA के अनुसार, माली में एक जुलाई को कुछ हथियारबंद लोगों ने एक फैक्ट्री पर हमला किया। उन्होंने तीन भारतीय नागरिकों को बंधक बना लिया। अभी तक किसी भी संगठन ने अपहरण की जिम्मेदारी नहीं ली है। लेकिन, अल-कायदा से जुड़े JNIM ने उसी दिन माली में कई हमलों की जिम्मेदारी ली है।

किडनैप भारतीयों की रिहाई पर जोर

MEA ने बताया कि बामाको में भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों, पुलिस और डायमंड सीमेंट फैक्ट्री के मैनेजमेंट के साथ लगातार संपर्क में है। दूतावास किडनैप हुए लोगों के परिवारों से भी बात कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत सरकार इस हमले की कड़ी निंदा करती है। हम माली सरकार से मांग करते हैं कि वह किडनैप हुए भारतीय नागरिकों को सुरक्षित और जल्दी छुड़ाने के लिए जरूरी कदम उठाए।

MEA ने कहा- हम हरसंभव कोशिश कर रहे

MEA ने आगे कहा कि मंत्रालय के बड़े अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। वे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित और जल्दी छुड़ाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। सरकार ने माली में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उनसे कहा गया है कि वे बामाको में दूतावास के साथ संपर्क में रहें। दूतावास उन्हें ज़रूरी जानकारी और मदद देगा।

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माली में भारतीयों को विदेश मंत्रालय ने दी अलर्ट रहने की सलाह

MEA ने फिर से कहा है कि वह किडनैप हुए भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। वह उन्हें और उनके परिवारों को हरसंभव मदद देगी। भारत सरकार इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है। MEA लगातार माली सरकार के साथ संपर्क में है। इसके साथ ही MEA ने माली में रह रहे सभी भारतीयों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उनसे कहा गया है कि वे दूतावास के साथ संपर्क में रहें। दूतावास उन्हें जरूरी जानकारी और मदद देगा।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।