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अमेरिका से भारत लाया जाएगा खालिस्तानी आतंकवादी हैप्पी पासिया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चंडीगढ़. पंजाब के गुरदासपुर में पिछले साल हुए ग्रेनेड अटैक का आरोपी और खालिस्तानी आतंकी हैप्पी पासिया के खिलाफ भारत ने शिकंजा कस दिया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक हैप्पी पासिया की गिरफ्तारी हो गई थी और अब उसे अमेरिका से भारत लाया जा सकता है. पासिया का खालिस्तानी आतंकी संगठन से भी कनेक्शन है. उस पर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की काफी वक्त से नजर थी.

सीएनएन-न्यूज18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक हैप्पी पासिया को जल्द ही भारत लाया जा सकता है. पासिया बब्बर खालसा इंटरनेशनल के साथ मिलकर कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दे चुका है. उसे 12 दिसंबर 2024 को गुरदासपुर के पुलिस स्टेशन पर हुए अटैक का जिम्मेदार माना जाता है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पंजाब पुलिस ने अमेरिका की सुरक्षा एजेंसी से पासिया की भारत वापसी को लेकर बातचीत की है. वहीं एनआईए भी इसी काम में जुटी है.

हैप्पी पासिया पर घोषित था 5 लाख रुपए का इनाम

पासिया पर पंजाब में कई से ज्यादा आतंकी घटनाओं का मास्टरमाइंड माना जाता है. उस पर 5 लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था. फिलहाल वह अमेरिका के सैक्रामेंटो में है. पासिया पाकिस्तान की आईएसआई के साथ मिलकर भी कई वारदातों को अंजाम दे चुका है. हैप्पी 2023 से लेकर 2025 के बीच पंजाब में कम से कम 16 आतंकी घटनाओं में शामिल रहा है. इसमें 14 ग्रेनेड अटैक हैं. वहीं एक आईईडी विस्फोट और एक रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड अटैक शामिल है.

कई गैंग के लिए काम कर चुका है हैप्पी

हैप्पी पासिया अमृतसर के पासिया गांव का रहने वाला है. वह शुरुआत में कई गैंग के साथ काम कर चुका है और इसके बाद आतंकी संगठनों के साथ जुड़ गया. हैप्पी ने जग्गू भगवानपुरिया गैंग के लिए काम किया और फिर  बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ गया. यहां उसने हरविंदर सिंह उर्फा रिंदा के इशारों पर कई आतंकी घटनाओं का प्लान बनाया. इन दोनों ने पंजाब में आतंक का नेटवर्क खड़ा कर दिया था.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।