शनिवार, सितंबर 19 2026 | 04:59:54 AM

पाइपलाइन क्षति के बाद थिंक गैस ने तेजी से बहाल की शहर की गैस आपूर्ति

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कंपनी ने सुरक्षा के लिए ‘डायल बिफोर यू डिग’ जागरूकता पर जोर दिया

बरनाला, फरवरी 2026: बरनाला के संघेड़ा क्षेत्र में सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल के पास थिंक गैस की एक पाइपलाइन को पानी की बोरिंग के लिए की जा रही खुदाई के दौरान नुकसान पहुंचा। खुदाई के समय लापरवाही बरतने के कारण गैस का रिसाव हुआ। थिंक गैस की इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित हिस्से को अलग किया और कम समय में ही गैस आपूर्ति बहाल कर दी। इससे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई और स्थानीय निवासियों को होने वाली असुविधा भी कम रही।

थिंक गैस ने बरनाला जिले में घरों के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और वाहनों के लिए कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की आपूर्ति हेतु मजबूत पाइपलाइन नेटवर्क स्थापित किया है। पाइपलाइन मार्ग पर स्पष्ट रूट मार्कर्स, चेतावनी बोर्ड और इमरजेंसी कांटेक्ट बोर्ड्स लगे होने के बावजूद, खुदाई करने वाले ठेकेदार ने काम शुरू करने से पहले थिंक गैस को कोई सूचना नहीं दी और न ही घटना के बाद कोई रिपोर्ट सौंपी।

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सरकारी नियमों के अनुसार, किसी भी तीसरे पक्ष को खुदाई कार्य शुरू करने से पहले नगर निगम या सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को ‘डायल बिफोर यू डिग’ नंबर के माध्यम से जानकारी देना अनिवार्य है। बिना पूर्व सूचना के हुई इस घटना के बाद थिंक गैस ने संबंधित पक्ष के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। वर्तमान कानूनी प्रावधानों के तहत, आईपीसी की धारा 285 और 336 के अनुसार इस तरह की अनधिकृत क्षति एक दंडनीय अपराध है, जिसमें 3 साल तक की कैद और ₹25 करोड़ तक का जुर्माना हो सकता है।

थिंक गैस सभी ठेकेदारों, एजेंसियों और आम नागरिकों से इस सुरक्षा नियम का पालन करने की अपील करता है। किसी भी प्रकार की खुदाई से पहले थिंक गैस से संपर्क करने के लिए टोल-फ्री नंबर है 18002022999 पर संपर्क करें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।