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मणिपुर में 6 महीने के लिए और बढ़ा राष्ट्रपति शासन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इंफाल. मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को अगले छह माह के लिए बढ़ा दिया गया है। आने वाले 31 अगस्त 2025 से ये लागू होगा। वर्तमान में फरवरी से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा संसद में इस बारे में दिए गए वैधानिक संकल्प को स्वीकृत किया गया। दरअसल, इस संबंध में सदन ने नोटिस स्वीकार किया और प्रस्ताव पारित किया, जिसमें कहा गया, “यह सदन राष्ट्रपति द्वारा संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत मणिपुर के संबंध में 13 फ़रवरी 2025 को जारी की गई उद्घोषणा को 13 अगस्त 2025 से अगले छह महीनों के लिए लागू रखने का अनुमोदन करता है।

फरवरी में मणिपुर में लगा था राष्ट्रपति शासन

जानकारी दें कि मणिपुर में इसी साल 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। राज्य के तत्कालीन सीएम एन बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दिया, जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करना पड़ा था। ध्यान देने वाली बात है कि राष्ट्रपति शासन राज्य में केवल छः महीने के लिए ही लगाया जा सकता है। मणिपुर में भी राष्ट्रपति शासन की अवधि 31 अगस्त को पूरी होने जा रही थी। इससे पहले ही राज्य में एक बार फिर राष्ट्रपति शासन छः महीने के लिए विस्तारित कर दिया गया है।

मणिपुर में मैतई और कुकी संघर्ष में 260 से अधिक लोगों की मौत

गौरतलब है कि मणिपुर में मई 2023 में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच जातीय हिंसा फैल गई। इस संघर्ष में अभी तक 260 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा 1000 से अधिक लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगहों पर शिफ्ट होना पड़ा। इस जातीय हिंसा पर काबू पाने की कोशिशें की जा रही थीं। इसी बीच इसी साल फरवरी में मणिपुर के मुख्‍यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इसी साल फरवरी में इस्‍तीफा दे दिया था। इसके बाद 13 फरवरी 2025 को केंद्र सरकार ने राज्य में विधानसभा को भंग कर दिया और राष्ट्रपति शासन लगा दिया था।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।