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चुनाव आयोग ने बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को भेजा नोटिस

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को बांकीपुर और लखीसराय विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग ईपिक कार्ड रखने के मामले में चुनाव आयोग ने रविवार (10 अगस्त) को नोटिस जारी किया है. आयोग ने उन्हें 14 अगस्त शाम 5 बजे लिखित जवाब देने को कहा है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके. दरअसल विजय कुमार सिन्हा का नाम दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की वोटर लिस्ट में पाया गया है. एक तो 182-बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या 405 में है, जहां उनका मतदाता सूची क्रम संख्या 757 है और EPIC नंबर AFS0853341 है. वहीं दूसरा, 168-लखीसराय विधानसभा क्षेत्र में, जहां उनका EPIC नंबर IAF3939337 है.

चुनाव आयग ने नोटिस में क्या कहा

चुनाव आयग ने नोटिस में कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण, 2025 के दौरान प्रकाशित प्रारूप निर्वाचक सूची में विजय कुमार सिन्हा का नाम 182-बांकीपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या 405, मतदाता सूची क्रम संख्या 757, ईपिक नंबर AFS0853341 पर दर्ज है. इसके साथ ही उनका नाम 168-लखीसराय विधानसभा क्षेत्र, लखीसराय में भी दर्ज पाया गया है, जहां उनका ईपिक नंबर IAF3939337 है. बांकीपुर के निर्वाची पदाधिकारी ने सिन्हा से सवाल किया है कि वोटर लिस्ट में उनका नाम दो जगह क्यों है? उन्हें 14 अगस्त तक जवाब देने को कहा गया है. चुनाव आयोग यह जानना चाहता है कि उनका नाम बांकीपुर और लखीसराय दोनों जगहों की वोटर लिस्ट में कैसे है?.

विजय कुमार सिन्हा से मांगा स्पष्टीकरण

आयोग ने नोटिस में यह स्पष्ट किया है कि एक व्यक्ति का नाम एक समय में केवल एक ही विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में दर्ज हो सकता है. दो अलग-अलग जगह नाम दर्ज होना जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और चुनाव आचार संहिता के तहत नियमों का उल्लंघन है. चुनाव आयोग ने विजय कुमार सिन्हा से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है और कहा है कि वो निर्धारित समय सीमा के अंदर अपना पक्ष प्रस्तुत करें.

विजय कुमार सिन्हा ने दी प्रतिक्रिया

वहीं विजय कुमार सिन्हा का कहना है कि 2024 में लखीसराय में फॉर्म भरा था. उन्होंने कहा कि पहले कदम कुआं में उनके पूरे परिवार का वोटर कार्ड था यहां पर विलोपित करने के लिए फॉर्म भरा था लेकिन किसी कारण विलोपित नहीं हुआ. दोबारा BLO को बुला कर विलोपित का फॉर्म भरा. उन्होंने कहा कि 5.6.1966 सर्टिफिकेट के अनुसार उनकी उम्र ठीक है. सिन्हा ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर बैठे हुए लोग जिस तरह से आरोप लगा रहे हैं उन्हें माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि 1 महीने का समय दिया गया है कमी को ठीक करने के लिए. उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमिशन की गलती तब कही जाती जब सुधार के लिए समय नहीं देती. उन्होंने कहा कि विजय सिन्हा न उम्र का घोटाला करता है न ही संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करता है.

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नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने उठाया था मुद्दा

दो वोटर आई कार्ड को लेकर नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने उठाया था. उन्होंने कहा था कि बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के पास दो EPIC नंबर हैं. वो भी दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का- एक में उम्र 57 साल है, और दूसरे में उम्र 60 साल है. उन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग के एप्लीकेशन पर ये ऑनलाइन भी है. तो अब इसमें कौन फर्जीवाड़ा कर रहा है?.लोगों को ये पता होना चाहिए. उन्होंने कहा था कि सिर्फ दो ही चीजें हो सकती हैं या तो चुनाव आयोग की SIR की पूरी प्रक्रिया ही फर्जीवाड़ा है या बिहार के उपमुख्यमंत्री ने फर्जीवाड़ा किया है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।