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सुरक्षाबलों ने जम्मू व कश्मीर में पकड़े लश्कर-ए-तैयबा के तीन मददगार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. सुरक्षाबलों ने उत्तरी कश्मीर में अपने आतंकरोधी अभियान को जारी रखते हुए गुरुवार को लश्कर-ए-तैयबा के तीन मददगारों को पकड़ा है। उनके पास से लश्कर के पोस्टर, एक पिस्तौल व एसाल्ट राइफल के 20 कारतूस भी बरामद किए गए हैं। यहां मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने एक विशेष सूचना के आधार पर जिला कुपवाड़ा के विजहामा, करालगुंड में घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान में सेना और सीआरपीएफ के जवान भी शामिल हुए।

तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों ने तीन युवकों को संदेह के आधार पर पकड़ा। उनकी तलाशी लेने पर उनके पास से एक पिस्तौल व दो कारतूस और एसाल्ट राइफल के 20 कारतूस व लश्कर-ए-तैयबा के पोस्टर मिले हैं। इन तीनों की पहचान उनकी पहचान मोहम्मद इकबाल पंडित पुत्र शरीफदीन पंडित निवासी बोनपोरा लंगेट,सज्जाद अहमद शाह पुत्र बशीर अहमद शाह निवासी चकपरीन और अशफाक अहमद मलिक पुत्र शब्बीर अहमद मलिक निवासी करालगुंड के रूप में हुई है।

पूछताछ में पता चला कि यह तीनों एक लंबे समय से लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम कर रहे थे। कुपवाड़ा और हंदवाड़ा में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों के लिए सुरक्षित ठिकानों का बंदोबस्त करने के अलावा उनके हथियार भी एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाते थे। उन तक सुरक्षाबलां की गतिविधियों की सूचनाएं भी पहुंचा रहे थे।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।