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कुकी-जो परिषद (KZC) ने यात्रियों और आवश्यक वस्तुओं की मुक्त आवाजाही के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-02 खोलने का फैसला किया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

एक महत्वपूर्ण निर्णय में, कुकी-जो परिषद (KZC) ने आज राष्ट्रीय राजमार्ग-02 को यात्रियों और आवश्यक वस्तुओं की मुक्त आवाजाही के लिए खोलने का फैसला किया है। यह निर्णय नई दिल्ली में पिछले कुछ दिनों में गृह मंत्रालय के अधिकारियों और KZC के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई कई बैठकों के बाद लिया गया। KZC ने भारत सरकार द्वारा NH-02 पर शांति बनाए रखने तैनात सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई है।

2. इसके साथ ही, आज नई दिल्ली में गृह मंत्रालय, मणिपुर सरकार, और कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (KNO) तथा यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट (UPF) के प्रतिनिधियों के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक भी आयोजित हुई। बैठक का समापन एक त्रिपक्षीय सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स (Suspension of Operations) समझौते पर हस्ताक्षर के साथ हुआ, जिसमें पुनः बातचीत के आधार पर नियम और शर्तें (ग्राउन्ड रुल्स) शामिल हैं, जो समझौते पर हस्ताक्षर की तारीख से एक वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी होंगी। अन्य प्रावधानों के साथ, संशोधित ग्राउन्ड रुल्स में निम्नलिखित को दोहराया गया:

i) मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता।

ii) मणिपुर राज्य में स्थायी शांति और स्थिरता लाने के लिए बातचीत आधारित समाधान की आवश्यकता।

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3. KNO और UPF ने भी निम्नलिखित पर सहमति जताई है:

i) सात निर्दिष्ट शिविरों को संघर्ष की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर स्थानांतरित करना।

ii) निर्दिष्ट शिविरों की संख्या को कम करना।

iii) हथियारों को निकटतम CRPF/BSF शिविरों में स्थानांतरित करना।

iv) सुरक्षा बलों द्वारा कैडरों की कठोर शारीरिक सत्यापन प्रक्रिया, ताकि विदेशी नागरिकों को, यदि कोई हों, सूची से हटाया जाए।

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4. संयुक्त निगरानी समूह अब से ग्राउन्ड रुल्स के प्रवर्तन की बारीकी से निगरानी करेगा, और भविष्य में उल्लंघनों से सख्ती से निपटा जाएगा, जिसमें SoO समझौते की समीक्षा भी शामिल है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।