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हॉकी एशिया कप में भारत ने मलेशिया को 4-1 से हराया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

पटना. बिहार के राजगीर में हो रहे हॉकी एशिया कप 2025 में भारतीय टीम बहुत ही शानदार प्रदर्शन कर रही है। पूल-ए में अपने सभी मैच जीतने के बाद भारत ने सुपर-4 में भी कमाल का खेल दिखाया है। भारत ने मलेशिया को 4-1 से हरा दिया है। भारतीय प्लेयर्स ने कमाल का प्रदर्शन किया और विरोधी टीम कोई मौका नहीं दिया। भारत के लिए मनप्रीत, सुखजीत, विवेक सागर प्रसाद और शैलेंद्र लाकड़ा ने गोल किए। ये खिलाड़ी टीम के लिए जीत में सबसे बड़े हीरो साबित हुए।

दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने दिखाया रंग

पहले क्वार्टर में मलेशियाई हॉकी टीम ने अपना दबदबा बनाए रखा। मलेशिया ने इस क्वार्टर में ज्यादातर समय गेंद को अपने पास रखा। इसी क्वार्टर में उनके लिए शफीक हसन ने गोल कर दिया और टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद दूसरे क्वार्टर में भारतीय हॉकी टीम ने दमदार वापसी की और लगातार हमले किए। भारतीय प्लेयर्स ने आक्रामक रुख अपनाया और मलेशियाई प्लेयर्स को चांस नहीं दिया। इसके बाद भारत के लिए मनप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह और शैलेंद्र लाकड़ा ने गोल किए और जो भारतीय टीम मैच में पीछे चल रही थी। उसे आगे कर दिया। भारतीय टीम ने लगातार तीन गोल के बाद 3-1 की बढ़त हासिल कर ली।

विवेद सागर प्रसाद ने किया चौथा गोल

तीसरे क्वार्टर में दोनों ही टीमों ने गोल करने के कई प्रयास किए, लेकिन किसी को भी सफलता नहीं मिल रही थी। फिर 37वें मिनट में भारत के लिए सागर विवेद प्रसाद ने गोल किए और इसी के साथ भारतीय हॉकी टीम ने 4-1 की बढ़त हासिल कर ली, जो अंत तक कायम रही। इसके बाद दोनों टीमों की तरफ से कोई भी प्लेयर गोल नहीं कर पाया था। भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ी हरमनप्रीत सिंह का ये 250वां हॉकी मैच था। उन्होंने अब तक भारतीय टीम के लिए दमदार प्रदर्शन किया है और कई अहम मौकों पर टीम को जीत दिलाई है। पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल करने में उन्हें महारथ हासिल है। उन्होंने अभी तक भारत के लिए 285 गोल किए हैं।

पूल-ए में भारत ने जीते अपने सभी मैच

भारतीय टीम ने पूल-ए में अपने तीनों ही मैच जीते थे। भारत ने तब चीन, जापान और कजाखास्थान को धूल चटाई थी। इसके बाद सुपर-4 के पूल में भारत ने अपने पहले मैच में साउथ कोरिया के साथ 2-2 से ड्रॉ खेला था।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।