लोड हो रहा है...

भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक ने असम में नागरिक सेवाओं के उन्नयन के लिए 125 मिलियन डॉलर के ऋण पर हस्ताक्षर किए

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने आज असम राज्य के छह जिला मुख्यालयों और गुवाहाटी में शहरी जीवन-यापन की क्षमता बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन मजबूत करने के लिए 125 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए।

असम शहरी क्षेत्र विकास परियोजना के लिए ऋण समझौते पर भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग की संयुक्त सचिव सुश्री जूही मुखर्जी और एडीबी के इंडिया रेजिडेंट मिशन की कंट्री डायरेक्टर सुश्री मियो ओका ने हस्ताक्षर किए।

इस परियोजना से असम के 3,60,000 निवासियों को निरंतर मीटरयुक्त जल आपूर्ति और वर्षा जल प्रबंधन प्रणालियों के उन्नयन का लाभ मिलेगा। इसका उद्देश्य संस्थागत सुधारों और क्षमता निर्माण के माध्यम से शहरी शासन को सुदृढ़ बनाना भी है।

प्रमुख बुनियादी ढाँचे के निवेश में बारपेटा, बोंगाईगाँव, धुबरी, ग्वालपाड़ा, गोलाघाट और नलबाड़ी जिला मुख्यालयों में प्रतिदिन 72 मिलियन लीटर की संयुक्त क्षमता वाले छह जल उपचार संयंत्रों और 800 किलोमीटर लंबी वितरण पाइपलाइनों का निर्माण शामिल है। इस परियोजना में एक वास्तविक समय निगरानी प्रणाली भी स्थापित की जाएगी, जिसका उद्देश्य गैर-राजस्व वाले जल को 20 प्रतिशत से नीचे बनाए रखना है।

- Advertisement -

गुवाहाटी में, यह परियोजना बाहिनी बेसिन में बाढ़ के डायवर्जन चैनलों, उन्नत जल निकासी प्रणालियों और बाढ़ के निर्वहन को कम करने और भूजल पुनर्भरण में सुधार के लिए एक प्रकृति-आधारित प्रतिधारण तालाब के साथ वर्षा जल प्रबंधन भंडारण को बढ़ावा देगी।

इस परियोजना में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गुवाहाटी के सहयोग से असम राज्य शहरी विकास संस्थान की स्थापना भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, यह परियोजना शहरों में वित्तीय स्थिरता और सेवा वितरण में सुधार के लिए जीआईएस-आधारित संपत्ति कर डेटाबेस, डिजिटल जल बिलिंग प्रणाली और वॉल्यूमेट्रिक जल शुल्क संरचना विकसित करेगा।

यह परियोजना महिलाओं और बालिकाओं के सहयोग और सामाजिक समावेश पर जोर देती है। इसकी गतिविधियों में जल कार्यों में महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण देना, कॉलेज जाने वाली महिलाओं के लिए इंटर्नशिप की व्यवस्था करना और जल, स्वच्छता और सफाई के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूल आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करना शामिल है।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।