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4 दिवसीय लद्दाख महोत्सव की शुरुआत, सांस्कृतिक धरोहर का प्रदर्शन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लेह .आज चार दिवसीय लद्दाख फेस्टिवल 2025 की शुरुआत हुई। राज्य की कला, संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित करने वाले इस उत्सव के पहले दिन समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। समारोह का विशेष आकर्षण परेड रही। इस परेड में पारंपरिक नृत्य, लोक संगीत, घुड़सवारी और ऊंट की सवारी का प्रदर्शन किया गया।

परेड के दौरान शहर के कई स्थानों पर लद्दाख की सांस्कृतिक विरासत का भी प्रदर्शन किया गया। लेह महल में एएसआई ने खंडहर से पुनरुद्धार थीम पर प्रदर्शनी लगाई। ईको पार्क और लेह के मुख्य बाजार में हस्तशिल्प, हथकरघा और पारंपरिक व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही यहां के सांस्कृतिक मंच पर वृत्तचित्र और लघु फिल्म के माध्यम से पर्यटन स्थलों का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा कारीगरों ने मिट्टी के बर्तन, बुनाई, टोकरी बनाने और जूता बनाने की कला का प्रदर्शन किया।

इससे पहले उत्सव की शुरुआत पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सीईसी एडवोकेट ताशी ग्याल्सन ने फेस्टिवल के आयोजन के उद्देश्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कई पर्यटक कम समय में लद्दाख की यात्रा के दौरान यहां की कला और संस्कृति के बारे में नहीं जान पाते, ऐसे लोगों के लिए यह आयोजन एक बड़ा मंच प्रदान करता है। साथ ही स्थानीय लोगों को आजीविका मुहैया कराता है। उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी भी शामिल हुए।

 SHABD, September 22, 2025

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।