रविवार, सितंबर 20 2026 | 02:45:26 AM

लद्दाख के उपराज्यपाल का निवास अब ‘राज निवास’ नहीं ‘लोक निवास’ कहलायेगा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लेह. लद्दाख के उपराज्यपाल के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘राज निवास’ का नाम बदलकर ‘लोक निवास’ कर दिया गया है। उपराज्यपाल कार्यालय ने X पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘लद्दाख के लिए एक ऐतिहासिक क्षण। आज, ‘राज निवास’ का आधिकारिक तौर पर नाम बदलकर ‘लोक निवास’ कर दिया गया है, जो जन केंद्रित शासन और समावेशी विकास के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।’’

इस पोस्ट के साथ उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता की एक तस्वीर भी शेयर की गई, जिसमें वह मुख्य द्वार पर नई ‘नेमप्लेट’ के पास खड़े दिखाई दे रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि नाम बदलना प्रशासन का नागरिकों के साथ सीधा जुड़ाव मजबूत करने तथा शासन को और अधिक सुलभ बनाने का संकल्प दर्शाता है।

राज निवास क्या है?

राज निवास उपराज्यपाल के आधिकारिक आवास और कार्यालय का स्थान है। यह लेह में स्थित है और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। यहां पर केंद्र शासित प्रदेश के संचालन से संबंधित फैसले लिए जाते हैं और प्रशासन की गतिविधियों का संचालन होता है। सालों से इसका नाम राज निवास था लेकिन अब इसका नाम बदलकर लोक निवास कर दिया गया है। लोक निवास का अर्थ होता है एक ऐसी जगह जो जनता के लिए हो यानी यहां पर जनता की आवाजाही होती रहे, उसे लोक निवास कहते हैं।

साभार : इंडिया टीवी

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।