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स्मृति मंधाना के एक कैलेंडर ईयर में 5000 रन पूरे होते ही उनके नाम जुड़ा एक और विश्व रिकार्ड

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 का 13वां मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया को स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल ने शानदार शुरुआत दिलाई। पहले विकेट के लिए दोनों के बीच शतकीय साझेदारी हुई। इस दौरान प्रतिका रावल और स्मृति मंधाना ने अर्धशतक लगाया। इस पारी के दौरान मंधाना ने वनडे क्रिकेट में अपने 5000 रन भी पूरे किए और एक वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया।

वनडे क्रिकेट में स्मृति मंधाना ने पूरे किए सबसे तेज 5000 रन

मंधाना वनडे क्रिकेट में पारियों के आधार पर सबसे तेज 5000 रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। उन्होंने ये उपलब्धि 112 पारियों में हासिल की। इससे पहले ये रिकॉर्ड स्टेफनी टेलर के नाम था। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 129 पारियों में 5000 रन पूरे किए थे। अब ये रिकॉर्ड स्मृति मंधाना के नाम हो गया है। इसके साथ ही स्मृति वनडे में 5000 रन बनाने वाली सबसे युवा बल्लेबाज बन गई हैं। वह वनडे में 5000 रन बनाने वाली दुनिया की पांचवी और भारत की दूसरी खिलाड़ी बनी हैं।

मंधाना ने तोड़ा मिताली राज का रिकॉर्ड

इसके साथ ही मंधाना ने 50+ रनों की पारी खेली खेलकर मिताली राज का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ा है। यह मंधाना के लिए वनडे क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 20 पारियों में 10वां 50+ स्कोर है। वह भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। इससे पहले ये रिकॉर्ड मिताली राज के नाम था। वह ऑस्ट्रेलिया महिला टीम के खिलाफ 9 बार 50+ स्कोर बनाने में कामयाब रही थी।

शतक बनाने से चूकी मंधाना

स्मृति मंधाना की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस मैच में उनके पास शतक पूरा करने का मौका था लेकिन वह 80 के स्कोर पर सोफी मॉलीन्यूक्स की गेंद पर कैच आउट हो गई। बाउंड्री लाइन पर फोएब लिचफील्ड ने उनका शानदार कैच पकड़ा। वह 66 गेंदों में 9 चौके और 3 सिक्स की मदद से 80 रन बनाने में कामयाब रही। मंधाना ये पारी खेलकर इस मैच में भारत को शानदार शुरुआत दिलाने में सफल रही।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।