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बिहार में आम चुनाव के पहले चरण के लिए रैंडम तरीके से ईवीएम-वीवीपैट का पहला प्रयोग संपन्न

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के निर्देशानुसार, प्रथम चरण में चुनाव वाले बिहार के सभी 18 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) ने 11 अक्टूबर, 2025 को प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) में उत्तीर्ण ईवीएम-वीवीपीएटी का रैंडम तरीके से पहला प्रयोग पूरा कर लिया है। प्रथम रैंडमाइजेशन राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा ईवीएम प्रबंधन प्रणाली (ईएमएस) के माध्यम से किया गया।

प्रथम रैंडमाइजेशन के बाद, कुल 54,311 बैलट यूनिट (बीयू), 54,311 नियंत्रण यूनिट (सीयू) और 58,123 वीवीपीएटी को 45,336 मतदान केंद्रों वाले 121 विधानसभा क्षेत्रों में रैंडम रूप से आवंटित किया गया। यादृच्छिक ईवीएम और वीवीपीएटी की निर्वाचन क्षेत्रवार सूची सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तर के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ उनके संबंधित जिला मुख्यालयों पर साझा की गई।

इन ईवीएम और वीवीपीएटी को राष्ट्रीय और राज्य स्तर के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संबंधित विधानसभा के स्ट्रांग रूम में संग्रहित किया जाएगा। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने के बाद, प्रथम यादृच्छिक ईवीएम और वीवीपीएटी की सूची भी सभी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के साथ साझा की जाएगी।

 

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।