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गाजा में युद्धविराम लागू होने के बाद भी बंधकों के शवों को लेकर बनी हुई है अनिश्चितता

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येरुशुलम. इजरायल और हमास के बीच जंग में गाजा बेहाल हो गया है। 2 साल से चल रही इस जंग में फिलहाल संघर्ष विराम कायम है लेकिन कई जटिल मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं। बंधक रहने के दौरान मारे गए लोगों के शवों की वापसी की प्रक्रिया इजरायल के लोगों की उम्मीद से कहीं धीमी गति से आगे बढ़ रही है। हाल ही में इजरायल ने गाजा से 20 जीवित बंधकों के लौटने का जश्न मनाया था, वहीं युद्ध विराम के पहले चरण के तहत उसने भी 2000 से ज्यादा कैदियों और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया था।

इजरायल के लोग कर रहे हैं इंतजार

इजरायल को अब इंतजार इस बात का है कि हमास गाजा में मृत समझे जाने वाले 28 बंधकों के शव या उनके अवशेष कब लौटाएगा। इजरायली अधिकारियों को हालांकि यह समझ में आ गया है कि बंधकों के शवों की वापसी में कुछ देरी हो सकती है, लेकिन बंधकों के परिवारों और उनके समर्थकों ने इस बात पर निराशा व्यक्त की है कि सोमवार को 28 में से केवल 4 शव ही वापस लाए जा सके। बंधक परिवारों का प्रतिनिधित्व करने वाले जमीनी स्तर के संगठन, ‘होस्टेज फैमिली फोरम’ ने इसे “हमास की ओर से समझौते का स्पष्ट उल्लंघन” बताया है।

हमास पर डाला जा रहा है दबाव

बंधकों और लापता लोगों की वापसी का समन्वय कर रहे इजरायल के शीर्ष अधिकारी गैल हिर्श ने एक नोट में परिवारों को बताया कि प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों के माध्यम से हमास पर दबाव डाला जा रहा है। मृत बंधकों में से केवल 4 के शव ही सोमवार को इजरायली अधिकारियों को सौंपे गए थे, जिनकी रिहाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए युद्धविराम समझौते के पहले चरण का हिस्सा है।

2 शवों की हुई पहचान

मंगलवार को इजरायली सेना ने 4 में से 2 शवों की पहचान कर ली है। एक शव की पहचान इजरायल के निवासी गाइ इलूज और दूसरे की पहचान नेपाल के छात्र बिपिन जोशी के तौर पर कीगई है। सात अक्टूबर, 2023 को हुए हमले के दौरान जब हमास आतंकवादियों ने उन दोनों को अगवा किया था, तब दोनों की उम्र 20 वर्ष के आसपास थी। इस हमले की वजह से ही जंग शुरू हुई थी। इलूज को नोवा संगीत समारोह से और जोशी को एक आश्रय स्थल से अगवा किया गया था।

इजरायल ने क्या कहा?

इजरायल ने कहा कि गाइ इलूज की मौत उचित चिकित्सा उपचार के बिना बंदी बनाए जाने के दौरान हुए घावों के कारण हुई, जबकि जोशी की युद्ध के पहले महीनों में बंदी बनाकर हत्या कर दी गई थी। इजरायल ने कहा कि नेशनल सेंटर ऑफ फॉरेंसिक मेडिसिन मौत के अंतिम कारण के बारे में बाद में जानकारी देगा। इस बीच हमास की ओर से मुक्त किए गए इजरायली बंधकों को मंगलवार को चिकित्सा देखभाल दी गई।

साभार : इंडिया टीवी  

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