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मेडागास्कर में तख्तापलट के बाद सैन्य शासक कर्नल माइकल रैंड्रियनिरिना ने ली राष्ट्रपति पद की शपथ

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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ताना. मेडागास्कर में तख्तापलट करने वाले कर्नल माइकल रैंड्रियनिरिना ने शुक्रवार को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। कुछ ही दिनों पहले युवाओं के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के बाद उन्होंने अपने पूर्ववर्ती को सत्ता से बेदखल कर दिया था और द्वीपीय राष्ट्र पर नियंत्रण हासिल कर लिया था।

कर्नल रैंड्रियनिरिना ने ली शपथ

पूर्व नेता एंड्री राजोइलिना सप्ताहांत में विदेश भाग गए थे, जिसके बाद सांसदों ने महाभियोग चलाकर उन्हें हटा दिया। उन्होंने तख्तापलट की निंदाकी है और निर्वासन में रहते हुए पद छोड़ने से इन्कार कर दिया है। अफ्रीकी संघ और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने तख्तापलट की निंदा की है। यह जेन जी विरोध प्रदर्शनों के हफ्तों बाद हुआ है।

सैन्य परिषद चलाएगी शासन

शपथ लेने के बाद रैंड्रियनिरिना ने कहा, ”मैं मेडागास्कर गणराज्य के राष्ट्रपति के रूप में अपने पद की जिम्मेदारियों को पूर्ण रूप से और न्यायोचित रूप से पूरा करूंगा। माइकल रैंड्रियनिरिना ने कहा कि मेडागास्कर का शासन एक सैन्य परिषद द्वारा चलाया जाएगा, जिसके अध्यक्ष वे 18 महीने से लेकर दो वर्ष तक रहेंगे। उसके बाद ही कोई नया चुनाव होगा, जिसका अर्थ है कि राजोइलिना के विरुद्ध विद्रोह करने वाले जेन जी को अपना नया नेता चुनने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

साभार : दैनिक जागरण  

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।