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यमन तट के पास एलपीजी टैंकर में धमाके से आग लगने के बाद 23 भारतीयों को बचाया गया, 2 अभी भी लापता

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

सना. यमन तट के पास एमवी फाल्कन पोत में आग लगने से बड़ा हादसा हुआ है। कैमरून के झंडे वाला पोत एमवी फाल्कन जिबूती के लिए जा रहा था। शनिवार को जहाज पर एक विस्फोट के बाद आग लग गई। इस जहाज पर ज्यादातर क्रू भारतीय थे। एमवी फाल्कन पर सवार चालक दल के 23 भारतीय सदस्यों को बचा लिया गया है। इन सभी को सुरक्षित रूप से जिबूती तटरक्षक बल को सौंप दिया गया है।

कैमरून के झंडे वाला यह एमवी फाल्कन जहाज यमन के एडन बंदरगाह से तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) लेकर दक्षिण-पूर्व दिशा में जिबूती की ओर जा रहा था। जहाज पर हुए विस्फोट के बाद कप्तान की ओर से आपातकालीन मदद के अनुरोध के बाद यूएनएवीएफओआर अस्पाइड ने तुरंत खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया।

एक यूक्रेनी भी बचाया गया

अस्पाइड्स की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि एमवी मेडा ने एमवी फाल्कन के 24 चालक दल के सदस्यों (एक यूक्रेनी और 23 भारतीय) को बचा लिया। बचाए गए नाविकों को जिबूती बंदरगाह पर लाकर तटरक्षक बल को सुरक्षित रूप से सौंप दिया गया। बचाए गए सदस्यों का इलाज किया जा रहा है। चालक दल के कुल 26 सदस्यीय दल में से दो सदस्य लापता बताए गए हैं।

जहाज का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा आग की चपेट में आया है। शुरुआती रिपोर्ट में हादसे की वजह का पता नहीं चल पाया है। फिलहाल हाजसे की जांच जारी है। दूसरी ओर घटना के बाद यूरोपीय यूनियन नेवल फोर्स ने तुरंत खोज और बचाव अभियान चलाकर लोगों को बचाया। वहीं अभी लापता बताए जा रहे सदस्यों को खोजा जा रहा है।

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साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।