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अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में आए 6.3 तीव्रता के भूकंप का असर पाकिस्तान और भारत में भी महसूस किया गया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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काबुल. अफगानिस्तान में फिर शक्तिशाली भूकंप आया है, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 मापी गई. इस भूकंप के झटके पाकिस्तान, ईरान और भारत तक महसूस किए गए. राष्ट्रीय भूकंप केंद्र (NCS) और संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने भूकंप की पुष्टि की और बताया कि अफगानिस्तान में भूकंप रात करीब एक बजकर 59 मिनट पर आया, जिसका केंद्र अफगानिस्तान के खुल्म प्रांत से 22 किलोमीटर दूर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में धरती के नीचे 28 किलोमीटर की गहराई में मिला.

भूकंप से कितना नुकसान हुआ?

अफगानिस्तान मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भूकंप के झटके इतने तेज थे कि चीख पुकार मच गई. लोग जान बचाने के लिए इधर उधर दौड़ने लगे और अपने घरों से बाहर निकल आए. हालात यह बने कि लोगों में दहशत फैल गई और वे सारी रात घर के बाहर बैठे रहे. हालांकि अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन भूकंप से 4 लोगों की मौत और 60 लोगों के घायल होने की खबर है. वहीं भूकंप के झटके ईरान, पाकिस्तान और भारत में भी महसूस हुए. भारत में दिल्ली-NCR और अन्य राज्यों में हल्का भूकंप महसूस हुआ. चर्चा है कि लोगों ने घरों के पंखे और सामान हिलते देखे.

अफगानिस्तान में क्यों आता भूकंप?

बता दें कि अफगानिस्तान भूकंप के मद्देनजर बेहद संवेदनशील क्षेत्र है, क्योंकि अफगानिस्तान भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के ऊपर बसा है. वहीं अफगानिस्तान हिमालय पर्वत श्रृंखला की तलहटी में चमन फॉल्ट लाइन के पास बसा है, इसलिए थ्रस्ट फॉल्टिंग के कारण अफगानिस्तान में भूकंप आते हैं. एक नवंबर 2025 दिन शनिवार की रात को भी अफगानिस्तान में भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 रही थी.

31 अगस्त को पाकिस्तान की सीमा के पास कुहाप प्रांत के नुरगल जिला में भूकंप आया था, जिससे करीब 3000 लोगों ने जान गंवाई थी और 4000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. घर ढहने से 8000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए थे. सबसे ज्यादा नुकसान कुहाप प्रांत में हुआ था और यह भूकंप 1998 के बाद आए भूकंप से ज्यादा घातक था.

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इससे पहले 29 अक्टूबर 2025 को नॉर्थ अफगानिस्तान में भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई थी. यह भूकंप उथली गइराई में आया था, लेकिन इससे किसी तरह का जान माल का नुकसान नहीं हुआ था. 29 अक्टूबर को ही 4.2 की तीव्रता वाले भूकंप के झटके उत्तरी अफगानिस्तान में महसूस हुए थे, जिसे चलते सरकार ने अलर्टजारी किया था. 24 अक्टूबर को 3.7 की तीव्रता का भूकंप काबुल के पास आया था.

साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।