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मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश में संसदीय चुनाव कराने और संविधान में सुधार के लिए जनमत संग्रह कराने की घोषणा की

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

ढाका. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने अगले आम चुनाव की घोषणा की है। यूनुस ने गुरुवार को बताया है कि अगले साल फरवरी में चुनाव कराए जाएंगे। लंबे समय से चुनाव कराने के लिए राजनीतिक दलों के दबाव के बाद यूनुस की ओर से ये ऐलान किया गया है। यूनुस के चुनाव के ऐलान के बीच शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के खिलाफ हिंसा बढ़ गई है। गुरुवार को ढाका में अवामी लीग के केंद्रीय कार्यालय में आगजनी की गई है।

प्रोथोमोलो की रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद यूनुस ने बताया है कि राष्ट्रीय सहमति आयोग ने अंतरिम सरकार को जुलाई राष्ट्रीय चार्टर को लागू करने के संभावित तरीकों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए दो सिफरिश पेश की। प्रस्ताव के अनुसार, सरकार चार्टर के संवैधानिक सुधार प्रावधानों को लागू करने के लिए विशेष आदेश जारी करेगी, जिसके बाद जनमत संग्रह होगा। यूनुस ने बताया घोषणा की है कि राष्ट्रीय संसदीय चुनाव और जनमत संग्रह एक ही दिन होंगे।

अवामी लीग के दफ्तर में आग

रिपोर्ट के मुताबिक, जनमत संग्रह प्रस्तावित सुधारों को मंजूरी देता है तो अगली संसद एक संविधान सुधार परिषद के रूप में कार्य करेगी और 270 दिनों के भीतर संविधान में संशोधन करेगी। संसद समय सीमा के भीतर ऐसा करने में विफल रहती है तो प्रस्तावित सुधार खुद संविधान में शामिल हो जाएंगे। दूसरी सिफारिश में कहा गया है कि सुधारों को 270 दिनों के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।

इस बीच सामने आया है कि ढाका अवामी लीग के केंद्रीय कार्यालय में गुरुवार दोपहर आग लगा दी गई। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि 10 से 15 लोगों के एक समूह ने इमारत की चौथी मंजिल पर लकड़ी, कागज़ के डिब्बे और अन्य सामग्री इकट्ठा की और उन्हें आग लगा दी। 5 अगस्त को अवामी लीग सरकार के पतन के बाद भी इस इमारत में आग लगाई गई थी।

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ढाका में राजनीतिक हलचल

बांग्लादेश में बीते साल की शुरुआत से ही राजनीतिक उठापटक चल रही है। बांग्लादेश में बीते साल मई-जून में शेख हसीना की सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुए थे। इन प्रदर्शनों के हिंसक होने के बाद 5 अगस्त को शेख हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा था।

हसीना के सत्ता संभालने वाले मोहम्मद यूनुस पर जल्दी चुनाव कराने के लिए राजनीतिक दल दबाव डालते रहे हैं। खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी की ओर से तो चुनाव में देरी पर नाराजगी भी जताई गई है। ऐसे में लगातार बढ़ते दबाव के बाद चुनाव का ऐलान हुआ है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।