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दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी डॉ. अहमद सईद की साबरमती जेल में अन्य कैदियों ने की पिटाई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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गांधीनगर. गुजरात के साबरमती जेल में आतंकी अहमद सईद की जमकर पिटाई की. तीन कैदियों ने उसे खूब मारा. जानकारी के मुताबिक, घटना आज सुबह करीब 7 बजे हुई. हमलावरों में दो हत्या के आरोपी और एक पॉक्सो एक्ट का आरोपी है. अहमद को कल ही जेल लाया गया था. उसकी आंख के पास चोट लगी. अहमद सईद के चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें आई हैं.

गुजरात एटीएस जेल पहुंची. आतंकवादी अहमद को सिविल अस्पताल ले जाया गया. इलाज के बाद वापस उसे जेल के हवाले किया गया. रानिप पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है. जेल अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं. संदेह है कि आरोपियों के हाथ में अंगूठी थी. हमला अनिल खुमान, शिवम वर्मा और अंकित लोधी ने किया. अनिल खुमान कागदापीठ थाने का हत्या का आरोपी है. वहीं, शिवम शर्मा अमराईवाड़ी थाने का हत्या का आरोपी है. जबकि अंकित लोधी साबरमती थाने का पॉक्सो एक्ट का आरोपी है.

गुजरात के DGP ने क्या कहा?

गुजरात के डीजीपी विकास सहाय गुजरात पुलिस ने पिछले 30 साल से राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल सभी आरोपियों की सघन जांच शुरू कर दी है. निर्देश जारी किए गए हैं कि सभी पुलिस थानों द्वारा यह जांच अगले 100 घंटों में पूरी कर ली जाए. गुजरात पुलिस देश-विरोधी तत्वों से देश की सुरक्षा के लिए सदैव सतर्क है.

डीजीपी के 8 नवंबर को गुजरात के एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड ने कुछ देश-विरोधी तत्वों और उनसे हथियार बरामद किया था. उसके एक दिन बाद फरीदाबाद में राष्ट्र विरोधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की गई और उसी दिन दिल्ली में एक बम ब्लास्ट हुआ.

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इन सब मुद्दों पर ध्यान में रखते हुए गुजरात पुलिस सतर्क हुई और एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए गुजरात राज्य सभी पुलिस स्टेशनों को गुजरत में पिछले 30 साल से जितने में राष्ट्र विरोधी तत्व हमारे दायरे आए हैं, उन सबके लिस्ट को अपडेट किया जाए और उसकी चेकिंग किया जाए.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।