लोड हो रहा है...

जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मिलने गई उनकी बहन को खसीट कर बाहर किया गया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं, लेकिन इस वक्त पाकिस्तान में उनकी हत्या की अफवाह तेजी से फैल गई है। पाकिस्तान की सेना और सरकार पर जेल में उन्हें टॉर्चर करने का आरोप है। जबकि उनसे किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा, जिससे अफवाह को बल मिल रहा है। मंगलवार रात (25 नवंबर) इमरान खान की बहनें नोरीन खान, अलीमा खान और उजमा खान को जेल के बाहर से घसीटकर भगा दिया गया। उनके साथ मारपीट भी की गई। पीटीआई कार्यकर्ताओं की मांग है कि उन्हें किसी भी हाल में इमरान खान से मिलना है, जबकि पाकिस्तान सरकार उनकी मौत की रिपोर्ट को अफवाह बता रही है।

दरअसल अफगानिस्तान की मीडिया ने बुधवार, यानि आज दावा किया है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रावलपिंडी के आदियाला जेल में हत्या कर दी गई है। जिससे पाकिस्तान में अफरातफरी मचने के हालात बन गये हैं। इमरान खान के समर्थकों की मांग है कि अगर इमरान खान सुरक्षित और जीवित हैं तो उन्हें मिलने क्यों नहीं दिया जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग शहबाज शरीफ की सरकार के खिलाफ गुस्सा निकाल रहे हैं।

पाकिस्तान में इमरान खान की मौत की तेज अफवाह

रिपोर्ट के मुताबिक इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी के हजारों समर्थक जेल के बाहर इकट्ठा हो गये और अधिकारियों से अपने नेता की सेहत के बारे में जानकारी देने की मांग रहे हैं। दूसरी तरफ समर्थकों को काबू में रोकने और किसी भी हिंसक घटना को कंट्रोल करने के लिए जेल के बाहर सैकड़ों सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान खान की बहनों अलीमा खान, डॉ. उजमा और नोरीन नियाजी और पार्टी के दूसरे नेताओं ने जेल के पास फैक्ट्री नाका पर धरना दिया है, उन्हें आगे जाने की इजाजत नहीं मिली।

- Advertisement -

साभार : नवभारत टाइम्स

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

- Advertisement -

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।