लोड हो रहा है...

केरल के स्काई-डाइनिंग सेंटर में जमीन से 120 फीट ऊपर फंसे पर्यटकों का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

तिरुवनंतपुरम. केरल के इडुक्की जिले के अनाचल में एक निजी स्काई-डाइनिंग सुविधा में शुक्रवार को क्रेन में तकनीकी खराबी आने के कारण कई पर्यटक ज़मीन से लगभग 120 फीट ऊपर लटक गए। पर्यटक डेढ़ घंटे से ज़्यादा समय तक फंसे रहे। बचाव दल के लोग घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों को सुरक्षित नीचे लाने के प्रयास कर रहे हैं।

बता दें कि, ये घटना मुन्नार के पास हुई, जहां एक साहसिक पर्यटन पहल के तहत क्रेन से चलने वाला एक डाइनिंग प्लेटफॉर्म आगंतुकों को हवाई भोजन का अनुभव प्रदान करता है। कुछ ही महीने पहले शुरू की गई इस प्रणाली में एक साथ 16 लोग बैठ सकते हैं, और लगभग आधे घंटे तक घाटी से ऊपर उठकर मनोरम दृश्यों के साथ भोजन कर सकते हैं। कथित तौर पर क्रेन के फ्यूज से जुड़ी एक यांत्रिक खराबी के कारण प्लेटफॉर्म को नीचे नहीं उतारा जा सका।

मुन्नार से तैनात अग्निशमन और सुरक्षाकर्मी फिलहाल वैकल्पिक तरीकों पर काम कर रहे हैं, जिनमें रस्सियों का इस्तेमाल करके लोगों को नीचे उतारना भी शामिल है। बचाव कार्य जारी है तथा इंजीनियर सिस्टम को बहाल करने तथा सभी फंसे हुए पर्यटकों और कर्मचारियों को सुरक्षित रूप से वापस लाने के लिए काम कर रहे हैं।

साभार : इंडिया टीवी

- Advertisement -

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

- Advertisement -

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।