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भारतीय सैनिकों ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत श्रीलंका में फंसे पाकिस्तानियों सहित 30 विदेशी नागरिकों को बचाया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

कोलंबो. श्रीलंका में चक्रवाती तूफान ‘दितवा’ में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए वायुसेना ने ऑपेरशन सागर बंधु शुरू किया है. तूफान की वजह से फंसे 400 भारतीयों को अब तक वायुसेना सुरक्षित निकाल चुकी हैं. एक ओर वायुसेना के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सी 130 और आई एल 76  कोलंबो के भंडारनायके एयरपोर्ट से त्रिवेंद्रम के लिये शटल फ्लाइट चला रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ वायुसेना के हेलीकॉप्टर एम आई 17 श्रीलंका में भूस्खलन में फंसे लोगों को निकालने में जुट हैं. श्रीलंका अधिकारियों के अनुरोध पर कोटमाले क्षेत्र में व्यापक बचाव और राहत अभियान चलाया जा रहा है.

यह पूरा इलाका सड़क संपर्क से पूरी तरह कट चुका है. मौसम बहुत खराब है. रविवार दिन भर चले मिशन में वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने फंसे हुए 45 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है. इनमें 6 गंभीर रूप से घायल हैं. बचाए गए लोगों में 12 भारतीय नागरिक शामिल है. इनमें 4 शिशु भी थे. इसके अलावा जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, स्लोवेनिया, यूके, पोलैंड, बेलारूस, ईरान, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और बांग्लादेश सहित कई देशों के 30 से अधिक विदेशी नागरिकों को भी वायुसेना ने सुरक्षित कोलंबो पहुंचाया.

इतना ही नहीं स्थानीय श्रीलंकाई नागरिकों को भी बुरी तरह प्रभवित इलाके से निकालने में सहायता प्रदान की गई. वहां पर जमीनी राहत कार्यों को मजबूत करने के लिए भारतीय वायुसेना ने श्रीलंकाई सेना के 57 जवानों को भी प्रभावित क्षेत्र से एयरलिफ्ट किया ताकि बचाव और रास्ता साफ़ करने के अभियान में तेजी लाई जा सके.

साथ ही प्रभावित लोगों की मदद के लिए आरोग्य मैत्री पोर्टेबल अस्पताल भीष्म क्यूब्स और चिकित्सीय सामग्री सहित आवश्यक राहत वस्तुएं भी लगातार हवाई मार्ग से भेजी जा रही हैं. एनडीआरएफ और वायुसेना की टीमें लगातार लोगों की मदद में लगी है. मुसीबत की घड़ी में वायुसेना का श्रीलंका के लोगों के लिए वायुसेना का युद्धस्तर पर राहत व बचाव अभियान चलाना दिखाता है कि कठिन हालात में भी भारत श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है. वायुसेना का कहना है कि श्रीलंका में राहत व बचाव कार्य आज भी जारी है.

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श्रीलंका से कई फ्लाइट्स कैंसिल

खबर के मुताबिक तूफान की वजह से श्रीलंका से कई फ्लाइट्स कैंसिल हो गई हैं. अनुमान है इस वक्त वहां घूमने गए करीब 400 और लोग फंसे हुए है. लिहाजा लोगों के अनुरोध पर वायुसेना अपना ऑपेरशन सागर बंधु आज भी जारी रखे हुए है. ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात के बीच भारतीय वायुसेना तेज़, सटीक और संवेदनशील मानवीय सहायता एवं आपदा राहत में जी जान से जुटी है. श्रीलंका में लोगों को सहायता प्रदान कर वायुसेना ने एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता को सिद्ध किया है.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।