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दक्षिण अफ्रीका में गोलीबारी में एक छोटे बच्चे सहित 11 लोगों की मौत हो गई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जोहान्सबर्ग. प्रिटोरिया शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके सॉल्सविले में शनिवार को एक अवैध बार में ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगीं. यहां पर काफी भीड़ थी. तेज संगीत का फायदा उठाकर हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी. कुछ ही मिनटों में यहां पर अफरा-तफरी मच गई. लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. हर तरफ चीखने की आवाजें आने लगीं. अचानक हुई फायरिंग में अब तक 11 लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में एक तीन साल का मासूम भी है. वह अपने माता-पिता के साथ यहां पर आया था. पुलिस के अनुसार, संदिग्धों को पकड़ने की कोशिश हो रही है. इनकी पहचान अभी तक सामने नहीं आ पाई है.

हमलावरों ने भीड़ को निशाना बनाया

दक्षिण अफ्रीकी पुलिस के अनुसार, इस हमले में 14 लोग घायल हो गए. कई की हालात गंभीर बताई जा रही है. बयान के अनुसार, मृतकों में तीन नाबालिगों के शामिल होने की बात सामने आई है. यह घटना और भी ज्यादा भयावह हो गई है. फिलहाल पुलिस अभी यह साफ नहीं कर पाई है कि गोलियां बार के अंदर चलाई गई हैं या ये बाहर चलीं. शुरुआती जांच से सामने आया है कि हमलावरों ने भीड़ को निशाना बनाया है.

स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल

दक्षिण अफ्रीका में हत्याओं का सिलसिला काफी तेजी से बढ़ रहा है. यहां पर दुनिया की सबसे अधिक हत्याएं होती हैं. यहां पर औसतन 60 लोग रोजना मारे जाते हैं. इस तरह के बार अवैध रूप ये यहां पर चलाए जाते हैं. अधिकतर इन्हीं इलाकों में गैंगवार, अवैध हथियार और शराब रखने की शिकायतें सामने आती हैं. इन घटनाओंं से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है. कई परिवारो में मातम छाया हुआ है. इस घटना में मात्र तीन साल के बच्चे मौत से पूरे इलाके में गम का माहौल है. पुलिस पर अपराध को रोकने का दबाव बना हुआ है. संदिग्धों की तेजी से तलाश हो रही है.

साभार : न्यूजनेशन

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।