गुरुवार, जनवरी 22 2026 | 11:58:48 PM
Breaking News
Home / व्यापार / दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इंडिगो से यात्रियों को हुई परेशानी की भरपाई करने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इंडिगो से यात्रियों को हुई परेशानी की भरपाई करने का निर्देश दिया

Follow us on:

नई दिल्ली. 10 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को इंडिगो संकट पर जमकर फटकार लगाई. हाईकोर्ट ने पूछा कि सरकार ने ऐसी स्थिति पैदा ही क्यों होने दी. हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा कि अन्य एयलाइंस को 39 से 40 हजार रुपए तक किराया बढ़ाने की छूट कैसे मिल गई. कोर्ट ने फटकारते हुए पूछा कि आप इतने समय से क्या कर रहे थे.

दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 आदेश दिए

दिल्ली HC -ऐसे संकट से न केवल यात्रियों को परेशानी होती है, बल्कि  यह सीधे सीधे देश की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करती है. आज के समय में यात्रियों का तेज और सुचारु आवागमन अर्थव्यवस्था को चालू रखने के लिए बहुत रूरी है.

इंडिगो एयरलाइंस संकट पर दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश-

1. इंडिगो DGCA नियमों के अनुसार सभी प्रभावित यात्रियों को मुआवजा दे. साथ ही, अगर ऐसा कोई प्रावधान है तो नुकसान की भरपाई भी की जाए. मंत्रालय इसे मॉनिटर करे.

2. मुआवजे के भुगतान की प्रक्रिया तुरंत शुरू करें.

3. केंद्र सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करे. सरकार के पास DGCA द्वारा पारित आदेशों की समीक्षा करने की शक्ति है. सेक्शन 19 लाइसेंस या अप्रूवल सर्टिफिकेट को प्रतिबंधित, निलंबित या रद्द करने का पॉवर देता है. इस अधिनियम के तहत नियमों के उल्लंघन के लिए दंडात्मक प्रावधान है. नियमों का पालन न करने पर जुर्माने और 2 साल तक की कैद या 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है.

4. केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करे कि यात्रियों को कोई परेशानी न हो और स्थिति सामान्य हो जाए. पर्याप्त स्टाफ और पायलटों की भर्ती की जाएय

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि चूंकि इंडिगो संकट के लिए जांच कमेटी बन गई है, इसलिए इस वक्त हम इस संकट की वजह को लेकर अपना कोई निष्कर्ष नहीं नहीं दे रहे. DGCA, सरकार, कमेटी बिना कोर्ट की टिप्पणियों से प्रभावित हुए बगैर फैसला ले.

याचिका में स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेदेला की डिविजन बेंच जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई कर रहा था. याचिका में मांग की गई थी कि इंडिगो संकट की स्वतंत्र न्यायिक जांच की जाए और जिन लोगो की फ्लाइट रद्द हुई या जो एयरपोर्ट पर फंसे उन्हें मुआवजा दिया जाए. केंद्र सरकार के वकील ने हाईकोर्ट में बताया कि केंद्र सरकार फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम लागू करना चाहती थी. जुलाई और नवंबर में अंडरटेकिंग दी गई थी. हाईकोर्ट ने DGCA के खिलाफ कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया है.

DGCA पर भी हाईकोर्ट की नजर

इंडिगो संकट को लेकर अब DGCA (नागरिक उड्डयन नियामक) भी केंद्र सरकार की जांच के रडार पर है. नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने एक इंटरव्यू में कहा कि इंडिगो की गड़बड़ी पर सिर्फ एयरलाइन ही नहीं, बल्कि DGCA के कामकाज की भी जांच होगी. मंत्री ने यात्रियों को हुई परेशानी के लिए माफी मांगी और कहा कि जिम्मेदार लोगों पर कड़ी और उचित कार्रवाई की जाएगी.

रोजाना रद्द हो रहीं उड़ानों से यात्रियों में बढ़ी बेचैनी
एक दिसंबर से अब तक इंडिगो की चार हजार से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिससे दिल्ली एयरपोर्ट से सफर करने वाले हजारों यात्रियों की योजनाएं प्रभावित हुई हैं. सामान्य दिनों में दिल्ली एयरपोर्ट से रोजाना लगभग 1.5 लाख लोग यात्रा करते हैं, लेकिन हालिया परिस्थितियों ने यात्रियों की संख्या को अचानक गिरा दिया. खासतौर पर कारोबारी यात्रियों की कमी से शहर के बिजनेस माहौल पर बड़ा असर पड़ा है.
साभार : एबीपी न्यूज

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

बजट 2026: क्या मध्यम वर्ग को मिलेगी टैक्स में राहत? जानें संभावित नए टैक्स स्लैब और बड़े बदलाव

नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश करने वाली हैं। …