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इंडिगो को जीएसटी से जुड़े पुराने मामले में देना होगा 59 करोड़ रुपए का जुर्माना

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पर एक और गाज गिरी है. अब इंडिगो को जीएसटी से जुड़ा करीब 59 करोड़ रुपये का जुर्माना देना होगा. इस बात की जानकारी शुक्रवार को खुद इंडिगो ने शेयर मार्केट को दी. इंडिगो ने बताया कि विभाग ने GST के साथ फाइन भी मांगा है. एयरलाइन को फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के लिए जुर्माने के साथ डिमांड नोटिस जारी किया गया है. साउथ दिल्ली के CGST के एडिश्नल कमिश्नर ने इंडिगो पर 58 करोड़ 74 लाख, 99 हजार 439 रुपये का फाइन लगाया है.

आदेश को चुनौती देगी इंडिगो

इंडिगो का कहना है वो इस जीएसटी विभाग के इस आदेश को चुनौती देगी. इंडिगो ने इसपर सफाई देते हुए कहा कि CGST अधिकारियों का ये फैसला गलत है. एयरलाइंस कंपनी ने ये दावा किया है कि उनके पास इस मामले में मजबूत आधार हैं, जिन्हें टैक्स एक्सपर्ट्स भी सही मानते हैं. इंडिगो का कहना है कि डिपार्टमेंट के एक्शन का उनके फाइनेंस, ऑपरेशन या किसी भी एक्टिविटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

शीर्ष अधिकारियों से हुई पूछताछ

इंडिगो सकंट की जांच में जुटी हाई लेवल कमेटी ने कंपनी के सीईओ पीटर एल्बर्स से शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी पूछताछ की. सूत्रों के मुताबिक एयरलाइन के सीओओ इसिद्रो पोर्केरास को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया. दोनों बड़े अधिकारियों से अलग-अलग पूछताछ हुई. सीईओ एल्बर्स से करीब 7 घंटे और पोर्केरास से करीब 5 घंटे तक सवाल जवाब किए.

DGCA का बड़ा एक्शन

कई दिनों से इंडिगो की फ्लाइट कैंसिल होने से मची अफरा-तफरी के बाद एयरलाइंस के ऑपरेशन धीरे-धीरे नॉर्मल हो रहे हैं. फ्लाइट रद्द होने की वजह से हजारों यात्री परेशान हुए थे. इस कड़ी में एविएशन रेगुलेटर DGCA ने बड़ा एक्शन लिया. शुक्रवार को DGCA ने चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टरों को सस्पेंड कर दिया है.

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साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।