लोड हो रहा है...

भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को पहले टी-20 मैच में 8 विकेट से हराया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

नई दिल्ली. विशाखापत्तनम के एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में जेमिमा रोड्रिग्स की नाबाद अर्द्धशतकीय पारी के दम पर भारत ने श्रीलंका को 8 विकेट से हरा दिया और पांच महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई. पहले गेंदबाजों ने अपना काम किया और श्रीलंका को 20 ओवर में सिर्फ 121 रन बनाने दिए. भारत के लिए 122 का लक्ष्य मुश्किल नहीं था.

टीम ने 13 के स्कोर पर ही शेफाली का विकेट गंवा दिया था. लेकिन फिर स्मृति मंधाना और जेमिमा ने दूसरे विकेट के लिए 54 रनों की साझेदारी की. मंधाना 25 रन बनाकर आउट हुई. मंधाना ने आउट होने  से पहले महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में 4 हजार रन पूरे किए. इसके बाद जेमिमा ने हरमनप्रीत के साथ तीसरे विकेट के लिए 55 रनों की साझेदारी कर टीम की जीत दिलाई. इससे पहले, टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने 6 विकेट के नुकसान पर 121 रन बनाए हैं. श्रीलंका के लिए विशमी गुणरत्ने ने 39 रनों की पारी खेली. उनके अलावा हासिनी परेरा ने 20 रन बनाए. भारत के लिए इस मैच में दीप्ति, क्रांति और श्रीचरणी ने 1-1 विकेट निकाला.

इस प्लेइंग इलेवन के साथ उतरी थी दोनों टीमें

भारतीय प्लेइंग इलेवन: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, अमनजोत कौर, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़, वैष्णवी शर्मा, श्री चरणी

- Advertisement -

श्रीलंका प्लेइंग इलेवन: चमारी अथापथु (कप्तान), हासिनी परेरा, हर्षिता समरविक्रमा, विशमी गुणरत्ने, नीलाक्षिका सिल्वा, कौशिनी नुथ्यांगना (विकेटकीपर), कविशा दिलहारी, मल्की मदारा, इनोका राणावीरा, काव्या कविंदी, शशिनी गिम्हानी

साभार : एनडीटीवी

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

- Advertisement -

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।