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बांग्लादेश में चुनाव पूर्व हो रही हिंसा के विरोध में विश्व हिंदू परिषद ने प्रदर्शन की अपील की

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले हिंसा का दौर शुरू हो गया है। इस हिंसा में उपद्रवियों ने हिंदू समुदाय के लोगों और उनकी संपत्तियों और मंदिरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। बांग्लादेश में एक हिंदू युवक पर ईश निंदा का झूठा आरोप लगाकर उसकी मॉब लिंचिंग कर हत्या भी कर दी गई है। इससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने इस हिंसा के विरोध में मंगलवार को बांग्लादेश उच्चायोग के सामने बड़ा प्रदर्शन करने की घोषणा की है। विहिप ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा के विरोध में पूरे विश्व समुदाय से आवाज उठाने पड़ोसी देश पर दबाव बनाने की अपील की है।

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि बांग्लादेश में आएदिन हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं। वहां का कट्टरपंथी इस्लामिक तंत्र पूरे शासन तंत्र पर भारी पड़ रहा है। निरपराध हिदू युवक के साथ-साथ सात साल की बच्ची की भी हत्या कर दी गई है। सैकड़ों हिंदुओं को झूठे आरोप लगाकर गिरफ्तार किया गया है। जेल में उनके साथ क्या व्यवहार हो रहा है, इसको लेकर कोई भी जानकारी लोगों को नहीं मिल पा रही है। निरपराध हिंदुओं को कहीं पर भी शांति-सुरक्षा नहीं मिल रही है।

विनोद बंसल ने कहा कि इसी देश में कुछ लोग सड़क से लेकर संसद तक गाजा मेंं हो रही हिंसा पर चिंता जताते हैं, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार हिंसा हो रही है, लेकिन उसके विरोध में कोई आवाज नहीं उठा रहा है। इससे सेक्युलर जमात की कलई खुल गई है। उन्होंने कहा कि इस हिंसा पर चुप्पी से अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की विश्वसनीयता और उनकी प्रासंगिकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। विहिप नेता ने बांग्लादेश में हो रही हिंसा के विरोध में लोगों को एकजुट होकर आवाज उठाने और प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की है।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।