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भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ अपने दूसरे टी20 मैच में टॉस जीत गेंदबाजी करने का लिया निर्णय

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारतीय महिला टीम और श्रीलंका के बीच सीरीज का दूसरा टी20 इंटरनेशनल मैच विशाखापत्तनम में खेला जा रहा है. एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में टॉस जीतकर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बॉलिंग चुनी. श्रीलंका की टीम पहले बल्लेबाजी कर रही है. टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में एक बदलाव हुआ है. ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा की जगह स्नेह राणा को शामिल किया गया है. श्रीलंका ने अपनी प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं किया है. यह मैच जीतकर भारत सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त लेना चाहेगा. भारत ने पहला मैच जीतकर सीरीज की शुरुआत की थी.
टॉस पर क्या बोलीं हरमनप्रीत?
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस के वक्त कहा, ‘टॉस जीतना सच में मेरे बस की बात नहीं है, लेकिन मुझे खुशी है कि हमने यह टॉस जीता. हम पहले बॉलिंग करेंगे. दीप्ति आज ठीक नहीं हैं, इसलिए स्नेह राणा टीम में वापस आई हैं. यह खेलने के लिए सच में बहुत अच्छा विकेट था. मैच के बीच में ज्यादा कुछ नहीं बदला. हमने बस अपनी योजनाओं और अपने अप्रोच पर टिके रहे. उम्मीद है, हम इसी अप्रोच को जारी रख पाएंगे.’
भारत ने जीता था पहला मैच
भारत ने सीरीज की शुरुआत जीत के साथ की थी. इसी मैदान पर हुए पहले मुकाबले में श्रीलंका को 8 विकेट से हराया था. भारत को 122 रन का आसान लक्ष्य मिला था, जिसे 14.4 ओवर में मेजबान टीम ने हासिल किया. जेमिमा ने अर्धशतकीय पारी खेली थी. इस स्टार बल्लेबाज ने 44 गेंदों में नाबाद 69 रन की पारी खेली थी, जिसमें 10 चौके शामिल रहे. इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.
दोनों टीमों की प्लेइंग-11
भारत: स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, स्नेह राणा, अरुंधति रेड्डी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, श्री चरणी.
श्रीलंका: विश्मी गुणरत्ने, चमारी अथापथु (कप्तान), हसिनी परेरा, हर्षिता समरविक्रमा, नीलाक्षी डी सिल्वा, कविशा दिलहारी, कौशानी नुथ्यांगना (डब्ल्यू), मल्की मदारा, इनोका राणावीरा, काव्या कविंदी, शशिनी गिम्हानी.
साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।