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बड़ा फैसला: BCCI के निर्देश पर कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्तफिजुर रहमान को टीम से किया रिलीज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के आगामी सीजन से पहले एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बीसीसीआई ने आधिकारिक तौर पर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को अपनी टीम से बांग्लादेशी स्टार गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश दिया है। केकेआर ने बोर्ड के इस आदेश का पालन करते हुए उन्हें टीम से बाहर कर दिया है।

मुख्य बिंदु:

  • भारी भरकम कीमत: केकेआर ने मुस्तफिजुर रहमान को दिसंबर 2025 में हुई मिनी-नीलामी में 9.20 करोड़ रुपये की बड़ी राशि में खरीदा था।

  • BCCI का हस्तक्षेप: बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया ने पुष्टि की कि “क्षेत्र में हालिया घटनाक्रमों” और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए फ्रेंचाइजी को यह निर्देश जारी किया गया है।

  • राजनीतिक और सामाजिक दबाव: बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक अस्थिरता और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की खबरों के बाद, भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर बहिष्कार की मांग हो रही थी।

  • रिप्लेसमेंट का विकल्प: बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि केकेआर को मुस्तफिजुर की जगह किसी अन्य विदेशी खिलाड़ी को टीम में शामिल करने (रिप्लेसमेंट) की अनुमति दी जाएगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

जानकारों के अनुसार, भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूदा राजनयिक तनाव और सुरक्षा चिंताओं के कारण बोर्ड ने यह कदम उठाया है। केकेआर प्रबंधन और मालिक शाहरुख खान को भी इस साइनिंग के बाद कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था। चूंकि आईपीएल के नियमों के अनुसार कोई भी फ्रेंचाइजी ऑक्शन के बाद किसी फिट खिलाड़ी को खुद से नहीं हटा सकती, इसलिए बीसीसीआई ने ‘नियामक संस्था’ के रूप में अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए यह आदेश दिया।

KKR का आधिकारिक बयान:

केकेआर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा:

“कोलकाता नाइट राइडर्स इसकी पुष्टि करता है कि बीसीसीआई/आईपीएल ने आगामी सीजन से पहले मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश दिया था। यह प्रक्रिया बोर्ड के परामर्श और निर्देशों के तहत पूरी की गई है।”

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।