30 जनवरी 2026, शुक्रवार को पड़ने वाला शुक्र प्रदोष व्रत धार्मिक, ज्योतिषीय और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार, जब प्रदोष व्रत शुक्रवार को आता है, तब यह व्रत सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य, प्रेम, वैवाहिक सौभाग्य और मानसिक शांति प्रदान करने वाला विशेष फल देता है।
प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा का विधान है। इस दिन पूजा का शुभ समय रहेगा —
🕯️ शाम 05:59 बजे से रात 08:37 बजे तक, जो कि अभिषेक, आराधना और शिव उपासना के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
🔱 शुक्र प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व
✨ 1. सौभाग्य और समृद्धि का व्रत
शुक्र प्रदोष व्रत को धन, ऐश्वर्य, सुख-सुविधा, स्वास्थ्य और पारिवारिक शांति प्रदान करने वाला व्रत माना गया है। यह जीवन में नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मकता लाता है।
🌸 2. शिव-शक्ति की संयुक्त कृपा
शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी, शक्ति और शुक्र ग्रह से जुड़ा होता है। इस दिन भगवान शिव के साथ शक्ति की पूजा करने से शिव-शक्ति की संयुक्त कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन के सभी क्षेत्रों में संतुलन बनता है।
💍 3. वैवाहिक जीवन में मधुरता
यह व्रत विशेष रूप से दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास, सामंजस्य और भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाने वाला माना जाता है। विवाह में विलंब, कलह और बाधाओं के लिए यह व्रत अत्यंत फलदायी माना गया है।
🌙 प्रदोष व्रत का ज्योतिषीय महत्व
- शुक्र ग्रह प्रेम, सौंदर्य, विलासिता, विवाह, कला और सुख-सुविधा का कारक ग्रह है
- इस दिन शुक्र प्रदोष व्रत करने से कुंडली में शुक्र दोष शांत होता है
- आर्थिक संकट, वैवाहिक समस्याएं और रिश्तों की अस्थिरता दूर होने की मान्यता है
👉 ज्योतिष के अनुसार, शुक्र प्रदोष व्रत शुक्र ग्रह को मजबूत करने का प्राकृतिक उपाय माना जाता है।
🪔 पूजा विधि (संक्षिप्त विधि)
- स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
- शिवलिंग की शुद्ध जल से सफाई करें
- पंचामृत से अभिषेक करें
- चंदन, सफेद फूल, बेलपत्र अर्पित करें
- दीप प्रज्वलन करें
- “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें
- शिव चालीसा / प्रदोष स्तोत्र का पाठ करें
- आरती करें और प्रसाद वितरण करें
🌼 विशेष पूजन सामग्री
- सफेद फूल
- चंदन
- बेलपत्र
- खीर
- मिश्री
- दूध
- शुद्ध जल
- दीपक, धूप, कपूर
🎁 दान का विशेष महत्व
शुक्र प्रदोष व्रत पर सफेद वस्तुओं का दान अत्यंत शुभ माना गया है:
- चावल
- दूध
- चीनी
- दही
- सफेद वस्त्र
- चांदी
👉 मान्यता है कि इससे शुक्र ग्रह मजबूत होता है और आर्थिक, वैवाहिक व पारिवारिक जीवन में शुभता आती है।
🧘 आध्यात्मिक लाभ
- मानसिक शांति
- आत्मिक स्थिरता
- नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
- परिवार में सुख-शांति
- जीवन में संतुलन
- सकारात्मक सोच का विकास
🌺 सामाजिक और पारिवारिक महत्व
शुक्र प्रदोष व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह पारिवारिक एकता, सामाजिक सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को भी मजबूत करता है। इस दिन परिवार के साथ पूजा करने से आपसी संबंधों में प्रेम और विश्वास बढ़ता है।
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