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सांबा बॉर्डर पर पाकिस्तानी ड्रोन की बड़ी साजिश नाकाम: BSF ने की कई राउंड फायरिंग

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

जम्मू. जम्मू-कश्मीर के सांबा जिला में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में घुसपैठ करता हुआ देखा गया। मुस्तैद सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसके बाद ड्रोन को वापस पाकिस्तान की ओर लौटना पड़ा।

कहां और कैसे दिखा ड्रोन?

जानकारी के अनुसार, यह संदिग्ध ड्रोन सांबा जिले के घगवाल क्षेत्र में स्थित चिलियारी (Chilayari) सीमा चौकी के पास सुबह के समय देखा गया। जैसे ही ड्रोन ने भारतीय सीमा में प्रवेश किया, BSF जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए उस पर कई राउंड फायर किए। फायरिंग के बाद ड्रोन भारतीय क्षेत्र में किसी तरह की गतिविधि को अंजाम दिए बिना ही सीमा पार लौट गया।

ड्रोन से हथियार या नशीले पदार्थ गिराने की आशंका

सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि ड्रोन का इस्तेमाल हथियार, गोला-बारूद या नशीले पदार्थ गिराने के लिए किया जा सकता था। इसी को देखते हुए BSF और स्थानीय पुलिस ने पूरे सीमावर्ती इलाके में सघन तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू कर दिया है।
खेतों, झाड़ियों, कच्चे रास्तों और आबादी से सटे क्षेत्रों में गहन जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी संदिग्ध सामग्री की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

हाल के दिनों में ड्रोन गतिविधियों में इजाफा

यह घटना अकेली नहीं है।

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  • बीते कुछ दिनों में सांबा और कठुआ सेक्टर में ड्रोन गतिविधियों के कई मामले सामने आ चुके हैं।
  • 30 जनवरी 2026 की शाम को भी रामगढ़ सेक्टर के रतनपुर गांव के पास एक संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की सूचना मिली थी।

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से साफ है कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए तस्करी और आतंकी नेटवर्क को समर्थन देने की कोशिशें तेज हुई हैं।

BSF और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

ड्रोन घटनाओं को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी और सख्त कर दी गई है।

  • अतिरिक्त जवानों की तैनाती
  • एंटी-ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल
  • रात और सुबह के समय गश्त बढ़ाई गई

सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।

स्थानीय लोगों के लिए प्रशासन की अपील

प्रशासन और BSF ने सीमावर्ती गांवों के लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें

  • कोई संदिग्ध वस्तु
  • ड्रोन के टूटे हिस्से
  • असामान्य गतिविधि

दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस या BSF को सूचना दें और खुद से उसे छूने या हटाने की कोशिश न करें।

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सांबा सेक्टर में BSF की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि सीमा सुरक्षा मजबूत हाथों में है। हालांकि, ड्रोन के जरिए हो रही घुसपैठ की कोशिशें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई हैं, जिनसे निपटने के लिए तकनीक और सतर्कता दोनों को और मजबूत किया जा रहा है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।