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बैतूल: मुलताई में 50 मुस्लिम किन्नरों ने अपनाया सनातन धर्म, माँ ताप्ती के तट पर हुआ भव्य शुद्धिकरण

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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बैतूल. मध्य प्रदेश के पवित्र नगर मुलताई में आध्यात्मिक परिवर्तन की एक बड़ी घटना सामने आई है। यहाँ आयोजित एक भव्य धार्मिक समारोह में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के मुस्लिम समुदाय से जुड़े करीब 50 किन्नरों ने सनातन धर्म अपनाया। राष्ट्रीय हिंदू सेना द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पूरी प्रक्रिया वैदिक रीति-रिवाज और हिंदू विधि-विधान के साथ संपन्न हुई।

ताप्ती सरोवर में स्नान और शुद्धिकरण

अभियान की शुरुआत माँ ताप्ती के पावन तट पर हुई। किन्नर समाज के सदस्यों ने सर्वप्रथम ताप्ती सरोवर सहित सात पवित्र कुंडों में स्नान किया। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, इसे आत्मिक शुद्धिकरण का प्रतीक माना गया। इसके पश्चात, विद्वान पंडितों के सानिध्य में ताप्ती मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई।

रुद्राभिषेक और हवन से गूंजा परिसर

नगर के एक निजी लॉन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक और हवन संपन्न हुआ। इस अवसर पर किन्नर अखाड़े के कई दिग्गज संत मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे:

  • स्वामी अजय दास ऋषि (संस्थापक, किन्नर अखाड़ा)

  • जगद्गुरु काजल ठाकुर

  • महामंडलेश्वर रानी ठाकुर व प्रभा पटेल

  • जगद्गुरु मां संजना

ढोल-नगाड़ों के साथ मंदिर में दी दस्तक

धार्मिक संस्कार पूर्ण होने के बाद, किन्नर समाज के सदस्य ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते हुए शहर के प्रमुख मंदिरों तक पहुंचे। इस दौरान किन्नर अखाड़े द्वारा महाकाली मंदिर और ताप्ती तट स्थित मंदिरों में श्रद्धापूर्वक विशाल घंटा भेंट किया गया।

“यह अभियान किन्नर समाज को उनकी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक प्रयास है। हम उन्हें समाज की मुख्यधारा में ससम्मान शामिल कर रहे हैं।”

दीपक मालवीय, प्रदेशाध्यक्ष, राष्ट्रीय हिंदू सेना

यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक समन्वय के लिहाज से भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें बड़ी संख्या में साधु-संतों और स्थानीय नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

matribhumisamachar.com/

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।