गुरुवार, सितंबर 17 2026 | 03:05:50 PM

महाराणा प्रताप जयंती: बी.एन.एस.डी. शिक्षा निकेतन में गूंजी वीरता की गाथा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

बी.एन.एस.डी. शिक्षा निकेतन कानपुर में महाराणा प्रताप जयंती समारोह में मंच

कानपुर, शनिवार, 09 मई 2026

कानपुर के बेनाझाबर स्थित बी.एन.एस.डी. शिक्षा निकेतन इण्टर कॉलेज में आज शौर्य के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती अत्यंत उत्साह के साथ मनाई गई। इस गौरवशाली अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. विवेक सिंह (निदेशक, महाराणा प्रताप ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स) ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

डॉ. सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप न केवल एक महान योद्धा थे, बल्कि वे एक अत्यंत संवेदनशील और नैतिक व्यक्तित्व के धनी भी थे। उन्होंने उनके चरित्र की तुलना भगवान राम और श्री कृष्ण के आदर्शों से की। मुख्य अतिथि ने ऐतिहासिक प्रसंगों के माध्यम से बताया कि कैसे प्रताप ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी मातृभूमि की रक्षा को सर्वोपरि रखा और ‘महाराणा’ की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने अब्दुल रहीम खानखाना के परिवार से जुड़े प्रसंग का उल्लेख करते हुए युद्ध के मैदान में भी प्रताप की मानवीय दया की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया:

  • अतिथि परिचय: भै० रित्विक (कक्षा 12) द्वारा दिया गया।

  • सांस्कृतिक प्रस्तुति: ब० गौरी ने एकल गीत और ब० रशिका ने काव्य पाठ किया।

  • वैश्विक संदेश: भै० श्रेय केसरवानी (संस्कृत), ब० देवांशी (अंग्रेजी) और भै० श्रेयांश (मातृभाषा) ने महाराणा प्रताप के जीवन पर अपने विचार रखे।

विद्यालय के प्रधानाचार्य बृजमोहन कुमार सिंह और उपप्रधानाचार्या मंजूवाला श्रीवास्तव सहित समस्त शिक्षक एवं विद्यार्थी इस समारोह के साक्षी बने।

बी.एन.एस.डी. शिक्षा निकेतन कानपुर में महाराणा प्रताप जयंती समारोह में विद्यालय के बच्चे

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।