लोड हो रहा है...

Saransh Kanaujia

लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।
Editor
Follow:
13797 Articles

स्वतंत्रता पूर्व की कांग्रेस और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

- सारांश कनौजिया जब भी भारत की स्वतंत्रता के संग्राम की बात…

Saransh Kanaujia

हमारा संविधान – क्या भूल गए हम पुरानी शासन प्रणाली

- सारांश कनौजिया भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान…

Saransh Kanaujia

भारत का स्वतंत्रता संग्राम

- सारांश कनौजिया 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से पहले अग्रेजों से हुए…

Saransh Kanaujia

जम्बूद्वीप: पौराणिक भूगोल, ऐतिहासिक साक्ष्य और अखंड सभ्यता के सिकुड़ने की कहानी

नई दिल्ली ।  हिंदू धार्मिक ग्रंथों और प्राचीन इतिहास में 'जम्बूद्वीप' केवल…

Saransh Kanaujia

भक्ति आंदोलन के कुछ महान संत

- सारांश कनौजिया जब-जब भारतीय समाज अधर्म के रास्ते पर चलने लगता…

Saransh Kanaujia

आज का हास, परिहास और उपहास – चुटकुले

कुछ शादीशुदा लोग भी धरने पर बैठ गए हैं, बोल रहे हैं…

Saransh Kanaujia